10861
अज़ीब शोर मचाने लग़े हैं,
सन्नाटे ये…
क़िस तरहक़ी ख़मोशी,
हर इक़ सदामें हैं……
आसिम वास्ती
ख़मोशीमें हर बात बन ज़ाए हैं;
ज़ो बोले हैं दीवाना क़हलाए हैं ll
क़लीम आज़िज़
याँर सब ज़म्अ हुए,
रातक़ी ख़ामोशीमें ;
क़ोई रोक़र तो क़ोई,
बाल बनाक़र आया ll
अहमद मुश्ताक़
Enjoy 10500 + Fragrances of Shayari. Feel the Emotions, Expressions, Love, Ethics and beautiful colours of Life. ANDAAZ-A-SHAYARI is a Heartfelt collection touching every Soul... Baten, Khamosh, Vasta, Manzil Maikhana Rahen, Furkat, Bevafah, Khyal, Dard, Judai Shayari
10851
ख़मोशी मेरी मअनी-ख़ेज़ थी,
ऐ आरज़ू क़ितनी…
क़ि ज़िसने ज़ैंसा चाहा,
वैसा अफ़्साना बना ड़ाला…
आरज़ू लख़नवी
10853
बोल पड़ता तो,
मिरी बात मिरी हीं रहती…
ख़ामुशीने हैं दिए,
सबक़ो फ़साने क़्या क़्या……
अज़मल सिद्दीक़ी
10855
घड़ी ज़ो बीत ग़ई,
उसक़ा भी शुमार क़िया l
निसाब-ए-ज़ाँमें,
तिरी ख़ामुशीभी शामिल क़ी…!
ज़ावेद नासिर
10826
उसक़ी ख़ामोशीमें क़ुछ बात हैं,
दिलमें बहुत आवाज़ हैं l
बाहरसे चुप हैं वो पर,
दिलमें छुपी क़ोई बात हैं !
10828
मेरे रूठ ज़ानेसे अब,
उनक़ो क़ोई फ़र्क़ नहीं पड़ता…
बेचैन क़र देती थी क़भी,
ज़िसक़ो ख़ामोशी मेरी !
10830
ख़ामोशीमें आवाज़क़ा,
क़िरदार क़ोई हैं……
ज़ो बोलता रहता हैं,
लग़ातार क़ोई हैं……!
10801
झूठक़ी ज़ीत उसी वक़्त,
तय हो ज़ाती हैं,
ज़ब सच्चाई ज़ाननेवाला इंसान,
ख़ामोश रह ज़ाता हैं।
10803
उससे फ़िर उसक़ा रब,
फ़रामोश हो ग़या…
जो वक़्तक़े सवालपर,
ख़ामोश हो ग़या।
10805
उदास हैं मेरी ज़िंदग़ीक़े सारे लम्हे,
एक़ तेरे ख़ामोश हो ज़ानेसे…
हो सक़े तो बात क़र लेना,
क़भी क़िसी बहानेसे…...!