23 September 2016

563 भले दिन खुशनुमा गुल मौसम जरूरत शायरी


563

Jarurat, Need

वो कौनसा दिन था जब तुम मिले थे
मौसम खुशनुमा था और गुल खिले थे
आज ना ही तुम हो और ना ही वो मौसम
क्या जरूरत थी तुम्हे मिलनेकी
हम तो पहले ही भले थे...!!!

Which day was that when you met me...
Ambience was Pleasant and Flowers were blooming...
Today neither you are there nor the Ambience...
What was that Need to meet me...
I was better even before...!!!


562 वज़न छलक हल्का आँसु शायरी


562

Aansu, Tears

कौन कहता हैं कि,
आँसुओंमें वज़न नहीं होता...
एक भी छलक जाता हैं,
तो मन हल्का हो जाता हैं...

Who says,
Tears doesn't weigh...
If a Drop Spills out,
Mind becomes Lighter...

561 तन्हा आलम थक जरूरत इंतजार मुस्कुरा रोना शायरी


561

Rona, Cry

तेरी जरूरत, तेरा इंतजार और...
ये तन्हा आलम,
थककर मुस्कुरा देती हूँ...
मैं जब रो नहीं पाती !!!

Your need, your waitting and...
this Lonely Ambience,
I Smile being Tired...
When I Could not Cry !!!

20 September 2016

560 मोहब्बत नफरत चुक शायरी


560

Chook, Mistake

मुझसे नफरत ही करनी हैं...
तो नफरत रखना l
जरासे भी चुके तो,
मोहब्बत हो जायेगी…!!!

If you want to Hate me...
Keep the Intention Strong.
A small Mistake,
Will make you fall in Love...

559 ख्वाहिश पूरी इबादत लिपटे बगैर इजाजत शायरी


559

Ejajat, Permission

एक ख्वाहिश पूरी हो,
इबादतके बगैर...
वो आकर लिपटे मुझसे,
मेरी इजाजतके बगैर...

One Wish to complete,
Without a Prayer...
She comes n Hug me,
Without my Permission...

558 इश्क औक़ात जमाने कबख़्त कीमत मुफ़्त नीलाम शायरी


558

Neelami, Auction

औक़ात नहीं थी जमानेमें 
जो मेरी कीमत लगा सके,
कबख़्त इश्कमें क्या गिरे,
मुफ़्तमें नीलाम हो गए

Incapable was the Society,
To Tag my Price...
Damned, What I felt in Love,
That Auctioned me in Free...

19 September 2016

557 सीने रख सोयी पगली कमबख्त नींद टूटे रोक धड़कन शायरी


557

Dhadkan, Heartbeats

मेरे सीनेपर सर रख,
सोयी थी वो पगली,
कमबख्त हमने अपनी धड़कन ही रोक ली,
ताकि उसकी नींद टूटे...

She slept keeping her Head on my Chest Nutty,
Certainly,
I stopped my Heartbeats,
So as not to break her Sleep...

556 मोहब्बत अजीब बात झुक चमकता सूरज ढल चाँद शायरी


556

Chand, The Moon

मोहब्बतमें झुकना,
कोई अजीब बात नहीं हैं…
चमकता सूरज भी तो,
ढल जाता हैं, चाँदके लिए…!

Stooping down in Love
Is not a Strange thing...
Shining Sun too
Sets down, for Moon...!

17 September 2016

555 कोशिश टूटा बिखर संभल बेहिसाब शायरी


555

Behisaab, In-numerously

कोशिश भी मत करना,
मुझे संभलनेकी अब तुम,
बेहिसाब टूटा हूँ,
जी भरके बिखर जाने दो मुझे

Do not even Try to,
Protect me any more,
I have Broken In-numerously,
Let me get scattered wholeheartedly...

554 इश्क इरादा कत्ल सर कलम साँस मौत शायरी


554

Sans par Maut, Death on Breath

इरादा कत्लका था तो ~
मेरा सर कलम कर देते ...
क्यूँ इश्कमें डालकर तुने ~
हर साँसपर मौत लिख दी…!

If your Intention was to Kill ~
You would have decapitated me...
By Embedding me in your Love ~
Why you wrote Death on every Breath...!

553 दिल गम याद ज़ख़्म मुस्कुरा क़ाबिल शायरी


553

Kabil, Capable

ना हम रहें दिल लगानेके क़ाबिल,
ना दिल रहा गम उठानेके क़ाबिल,
लगा उसकी यादोंके जो ज़ख़्म दिलपर,
ना छोड़ा उसने मुस्कुरानेके क़ाबिल

Neither I am left competent for making Love,
Nor my Heart is left capable to withstand Pains,
Scars of your memories are wounded on Heart,
That have not left me capable to smile any more...

16 September 2016

551 मोहब्बत तलाश बर्बाद पागल तलाश शायरी


551
Talash, Search
मोहब्बतकी तलाशमें निकले हो तुम,
अरे पागल
मोहब्बत खुद तलाश करती हैं…
जिसे बर्बाद करना हो l

You Going in the Search of Love,
Oh Mad...
Love Searches out itself...
To whom she wants to Ruin.

552 Mukabala, Competition

Mukabala, Competition

किसी ने पूछा " वो याद नहीं करते तुम्हें ",
तुम उन्हें क्यों याद करते हो...?
हमने मुस्कुरा कर कहा,
" रिश्ते निभाने वाले, मुकाबला नहीं किया करते.......! "
Somebody Asked " Does she Remembers You ",
Why do you Remember her...?
I smilled and Said,
" They don't compete, who wants to Fulfil the Relationship.......! "

15 September 2016

550 याद इंतज़ार साथ शाम शायरी


550

Shyam, Evening

एक शाम आती हैं,
तुम्हारी याद लेकर...
एक शाम जाती हैं,
तुम्हारी याद देकर...
पर मुझे तो उस शामका इंतज़ार हैं,
जो आए तुम्हे अपने साथ लेकर...!

An Evening comes,
With your Memory...
An Evening goes,
Offering your Memory...
I am waitting for that Evening,
Which will come along with You...!

549 जीना झूठ यार वादा इंतज़ार सच ऐतबार ख्वाहिश शायरी


549

Khwahish, Desire

जीनेकी ख्वाहिशमें हररोज़ मरते हैं,
वो आये आये हम इंतज़ार करते हैं...
झूठा ही सही मेरे यारका वादा हैं,
हम सच मानकर ऐतबार करते हैं

I die everyday in the Desire of Living,
I keep waitting whether she comes or not...
Though its false but its her Promise,
I believe her on Assumption.

548 ख़ामोश मोहब्बत लोग समझ बदनसीब शायरी


548

Badnaseeb, Unfortunate

क्यूँ करते हो मुझसे,
इतनी ख़ामोश मोहब्बत
लोग समझते हैं,
इस बदनसीबका कोई नहीं

Why do you Love me,
so Silently...
People feel that,
Nobody belongs to this Unfortunate...

13 September 2016

546 मोहब्बत महबूब जुदा वजूद शायरी


546

Wajood, Identity

जिस जिसने मोहब्बतमें,
अपने महबूबको खुदा कर दिया,
खुदाने अपने वजूदको बचानेके लिए,
उनको जुदा कर दिया l

Whoever Inscribed his Fiance,
equivalent to God,
To save his own identity,
God Separated them.

547 थोड़े सही बुरे इल्ज़ाम शायरी


547

Eljaam, Accuse

कोई इल्ज़ाम रह गया हैं,
तो वो भी दे दो,
हम तो पहलेसे बुरे थे,
अब थोड़े और सही

If you want to Accuse me any more,
I am ready to accept,
I was bad earlier,
Little more Though...

545 दिल हुस्न तोड़ मजबूर सादगी शायरी


545

Sadagi, Sobriety

हुस्नवाले जब तोड़ते हैं,
दिल किसीका...
बड़ी सादगीसे कहते हैं,
मजबूर थे हम...!

When Fiance breaks heart,
of her Lover...
Says with a deep Sobriety,
That I was Helpless...!

544 जान जिस्म रात मौत गुस्से शायरी


544

Jaan, Soul

कल रात मौत आयी थी,
गुस्सेमें बोली,
"जान ले लुंगी तेरी..."
मैने भी कह दिया:
' जिस्म 'ले जाओ,
जान ' तो...
'  उनके ' पास हैं...!!!

Death arrived Yesterday night,
Was speaking with Anger,
" I will take your Life away..."
So I also told:
Take away my Body,
' Soul ' Is...
with ' Her '...!!!