25 February 2019

3966 - 3970 जिन्दगी नादान गम ग़ुस्सा परेशान मोहब्बत तमन्ना दौलत नजर हुनर नाज़ दस्तक याद उदास दिल शायरी


3966
क़ैसे मनाऊ उसे,
वो नादान हैं बहुत..
ग़ुस्सा क़रक़े मुझसे,
ख़ुद भी परेशान रहती हैं…

3967
तमन्ना जब किसीकी नाकाम होती हैं,
जिन्दगी उसकी एक उदास शाम होती हैं,
दिलके साथ दौलत ना हो जिसके पास,
मोहब्बत उस गरीबकी निलाम होती हैं !

3968
बहुत खुबसुरत हैं हँसी उनकी,
लेकिन वो मुस्कुराते ही कम हैं;
दिल चाहता हैं देखते रहें उनकी झीलसी आँखोंको,
लेकिन वो नजर मिलाते ही कम हैं...।

3969
बड़ी बारीकीसे तोडा हैं,
उसने दिलका हर कोना...
मुझे तो सच कहुँ...
उसके हुनरपें नाज़ होता हैं...!

3970
दिलमें जोरसे,
दस्तक दे रहा हैं कोई...
लगता हैं उनकी यादोंके,
आनेका वक़्त हो गया.......!

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