9 December 2025

10121 - 10125 बटुआ बरकत दिन बाद साथ बदनज़र कुँवारी तस्वीर शायरी


10121
मेरा बटुआ नहीं होता हैं खाली...
तेरी तस्वीरकी बरकत रही माँ !
                                            सत्य प्रकाश सोनी

10122
तुम्हें वो मिल नहीं पाईं,
उन्हें तुम मिल नहीं पाए...
कन्हैया साथमें क्यों फिर,
सदा तस्वीर दिखती हैं...
अनमोल मिश्रा

10123
देखकर उसको दिन गुज़रते हैं;
एक तस्वीर जिसमें साथ हैं हम...
                                                 गोपेश "तन्हा"

10124
भेज देता हूँ मगर,
पहले बता दूँ तुझको...
मुझसे मिलता नहीं कोई,
मिरी तस्वीरके बाद...!!!
उमैर नजमी

10125
बदनज़रसे कभी नहीं देखा,
तेरी तस्वीर भी कुँवारी हैं...
                                            भावेश पाठक

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