2 December 2025

10086 - 10090 मोहब्बत तौबा रौशनी साया नीयत चेहरे अदा अंदाज़ हिस्सा हाथ आँसु तस्वीर शायरी

 
10086
सोचता हूँ तेरी,
तस्वीर दिखा दूँ उसको;
रौशनीने कभी,
साया नहीं देखा अपना

                        इक़बाल अशहर

10087
आज फिर की थी,
मैने मोहब्बतसे तौबा,
आज फिर तेरी तस्वीर देखकर,
नीयत बदल गई !

10088
कुछ ऐसा अंदाज़ हैं,
उनकी हर अदामें,
के तस्वीर भी देखूँ तो,
खुशी आ जाती हैं चेहरेपें.!!!

10089
उस तस्वीरका एक हिस्सा,
खो गया मुझसे,
जिस तस्वीरमें,
तेरा हाथ था मेरे हाथमें !

10090
सुनो मुझे अपनी,
दूसरी तस्वीर दे दो,
पुरानी आँसुओंसे,
धुल गई हैं..!!

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