11411
सुक़ूत वो भी मुसलसल सुक़ूत क़्या मा'नी…
क़हीं यही तिरा अंदाज़-ए-ग़ुफ़्तुग़ू तो नहीं…?
उम्मीद फ़ाज़ली
11412
नज़रसे ग़ुफ़्तुग़ू,
ख़ामोश लब तुम्हारी तरह..
ग़ज़लने सीख़े हैं,
अंदाज़ सब तुम्हारी तरह…..!
बशीर बद्र
11413
बुलबुल ग़ज़ल-सराई,
आग़े हमारे मत क़र l
सब हमसे सीख़ते हैं,
अंदाज़ ग़ुफ़्तुग़ूक़ा ll
मीर तक़ी मीर
बुलबुल ग़ज़ल-सराई,
आग़े हमारे मत क़र l
सब हमसे सीख़ते हैं,
अंदाज़ ग़ुफ़्तुग़ूक़ा ll
मीर तक़ी मीर
11414
राज़-ए-हरमसे शायद,
'इक़बाल' बा-ख़बर हैं l
हैं इसक़ी ग़ुफ़्तुग़ूक़े,
अंदाज़ महरमाना ll
अल्लामा इक़बाल
11415
ये आसमाँसे,
रग़-ए-जाँ तक़ एक़ सरग़ोशी ;
सुक़ूत-ए-शबक़ा,
ये अंदाज़-ए-ग़ुफ़्तुग़ू क़्या हैं…?
अब्दुल अहद साज़
ये आसमाँसे,
रग़-ए-जाँ तक़ एक़ सरग़ोशी ;
सुक़ूत-ए-शबक़ा,
ये अंदाज़-ए-ग़ुफ़्तुग़ू क़्या हैं…?
अब्दुल अहद साज़
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