8 March 2018

2446 - 2450 ज़िन्दग़ी प्यार मोहोब्बत इश्क शोक बंदगी गम याद अक्सर बर्बाद बदसूरती हसीन चेहरे दुनियाँ शायरी


2446
ना इश्कका शोक हैं,
न मोहोब्बत करते हैं...
खुदाके बन्दे हैं,
बस बंदगी करते हैं...
कभी गम हो तो,
हमें याद करना,
दर्द गिरवी रखते हैं,
और खुशी उधार देते हैं...।

2447
ना ज़ाने क़्यों ,
                    क़ोसते हैं लोग़ बदसूरतीक़ो…
                    बर्बाद क़रने वाले तो,
                    हसीन चेहरे होते हैं।

2448
वो अक्सर मुझसे पूछा करती थी,
तुम मुझे कभी छोड़कर तो नहीं जाओगे...
आज सोचता हूँ.......,
कि काश मैने भी कभी पूछ लिया होता...

2449
दुनियाँक़े हर इंसानक़ो;
                      नफ़रत हैं झूठसे,
                      मैं परेशान हूँ ये सोचक़र;
                      फ़िर ये झूठ बोलता क़ौन हैं ।
2450
तुझे पा ना सक़े तो भी,
सारी ज़िन्दग़ी तुझे प्यार क़रेंग़े...
ये ज़रुरी तो नहीं ज़ो मिल ना सक़े,
उसे छोड़ दिया ज़ाए.......!

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