4 April 2018

2566 - 2570 इश्क मोहब्बत ज़िन्दगी हसीन खूबसूरत चाहत ग़म ख़ुशी फ़ासले आँधी मेहरबान याद शायरी


2566
अब वफाकी उम्मीद भी,
किसकी की जाए भला,
मिट्टीके ने लोग...
कागजमें जो बिक जाते हैं!

2567
सौ गुना बढ़ जाती हैं,
खूबसूरती महज़ मुस्करानेसे;
फिरभी बाज नहीं आते,
लोग मुँह फुलानेसे

2568
ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब हैं,
जिसमें जीनेकी चाहत होनी चाहिये।
ग़म खुद ही ख़ुशीमें बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुरानेकी आदत होनी चाहिये।

2569
हमारे इश्कका अंदाज,
कुछ अजीबसा था दोस्तों,
लोग इन्सान देखकर मोहब्बत करते हैं,
हमनें मोहब्बत करके इन्सान देख लिया...

2570
फ़ासले तो बढ़ा रहें हो,
मग़र इतना याद रख़ना क़े,
मोहब्बत बार बार इंसानपर.
मेहरबान नहीं होती l

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