3011
काश ! एक बार...
आवाजतो दी होती
हमें,
हम तो वहांसे भी लोट
आते,
जहांसे कोई
नहीं आता.......।।
3012
इस कदर हम
यारको मनाने
निकले,
उसकी चाहतके
हम दीवाने निकले;
जब भी उसे
दिलका हाल
बताना चाहा,
तो उसके होठोंसे वक़्त ना
होनेके बहाने
निकले...
3013
नहीं हैं हम
इतने हसीन की,
हर किसीके दिलमें बस जाए;
पर जिसके साथ चल
पड़े,
जिन्दगी उसीके नाम कर
देते...!
3014
हमने सोचा था क़ि,
बताएंग़े सब दुःख़ दर्द तुमक़ो....
पर तुमने तो इतना भी न पूछा क़ि,
ख़ामोश क़्यों हो l
3015
चलो चलते हैं,
बेवफाईके बाजारमें...
शायद कोई जोहरी,
हमारी वफाको
भी मिले.......!
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