10 July 2016

362 दिल दिमाग जगह पसंद नापसंद राज शायरी


362

राज, Rule

राज तो हमारा हर जगहपें हैं…
पसंद करने वालोंके “दिल” में ; और
नापसंद करने वालों के “दिमाग” में…

I rule Everywhere...
In the Heart of Those who like me; And
In the Head of those who Dislike me...

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