12 May 2018

2726 - 2730 मोहब्बत ज़िदग़ी सिफारिश मौत डर ताकत फूल होंठ खामोश शोर याद बेहिसाब आसान बरबाद शायरी


2726
मौत सिफारिश कर रही हैं,
अपना बनानेकी...
पर तेरे सिवा किसी औरका,
होनेसे डर लगता हैं.......

2727
जिसे हम सबसे ज्यादा चाहते हैं,
उसीमें सबसे ज्यादा ताकत होती हैं...
हमें रुलानेकी.......!

2728
लगाकर फूल होंठोसे,
कहा उसने चुपकेसे...
अगर कोई पास होता,
तो इसकी जगह तुम होती...!

2729
रात खामोशसी, चुपचाप हैं...!
शोर तेरी यादोंका,
बेहिसाब हैं....... 

2730
आसान नहीं आबाद क़रना,
घर मोहब्बत क़ा,
ये उनक़ा क़ाम हैं,
ज़ो ज़िदग़ी बरबाद क़रते हैं।

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