2751
जब भी उनकी,
यादोंने तंग
किया,
मैने कोरे कागजोंको,
रंग दिया.......।
2752
सुनो मुझको याद करते
हो या...
यादोंका भी
रोजा
चल रहा हैं.......!
2753
चाँद भी देख़ों तो चेहरा तुम्हारा हैं।
2754
ख़्वाहिश
बड़ी नादान होती
हैं...
मुकम्मल
होते ही...
बदल जाती हैं.......।।
2755
ये मुझे चैन
क्यूँ नहीं पड़ता...
एक ही शख़्स
था जहानमें
क्या...?
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