23 December 2017

2111 -2115 इश्क़ मुहोब्बत वक्त बारिश बरस आँख करिश्मा बहक तकलीफ आशिक़ नफरत चाँद समझ शायरी


2111
"मत गुजरना रमजानके वक्त,
किसी मस्जिदके पाससे ,
लोग तुम्हें चाँद समझकर...
कहीं रोजा न तोड दे..."

2112
बारिशे तो तेरे बिन भी,
होती हैं मेरे शहरमें, पर...
उन बारिशोमें सिर्फ,
पानी बरसता हैं इश्क़ नहीं....

2113
आँखोंमें तेरी,
कोई करिश्मा ज़रूर हैं l
तू जिसको देखले...
वो बहकता ज़रूर हैं...!!!

2114
जो इश्क़ तकलीफ न दे,
वो इश्क़ कैसा;
और जो इश्क़में तकलीफ न सहे,
वो आशिक़ कैसा.......

2115
ज्यादा कुछ नहीं बदला,
उनके और मेरे बीच,
पहेले नफरत नहीं थी,
अब मुहोब्बत नहीं हैं l

2106 - 2110 जिंदगी फिक्र बेवजह इल्जाम नेक बुरे हुज़ूर दूरियाँ रुतबा अल्फ़ाज़ हालात पहचान फितरत शायरी


2106
सबको फिक्र हैं,
खुदको सही साबित करनेकी,
जैसे ये जिंदगी, जिंदगी नहीं...
कोई इल्जाम हैं....... !!!

2107
ज़रा क़रीब आओ,
तो शायद हमे समझ पाओ...
यह दूरियाँ तो सिर्फ,
गलतफेहमियाँ बढाती हैं.......

2108
जब बेवजह कोई इल्ज़ाम लग जाये,
तो क्या कीजिए ?
हुज़ूर फिर यूँ कीजिए कि,
वो गुनाह कर लीजिये ।।

2109
"रुतबा" तो...
खामोशियोंका होता हैं...
"अल्फ़ाज़" का क्या ?
वो तो बदल जाते हैं, अक्सर
"हालात" देखकर...!!!

2110
नेकने नेक और बुरेने बुरा,
जाना मुझे,
जिसकी जैसी फितरत थी,
उसने उतना ही पहचाना मुझे l

21 December 2017

2101 - 2105 मोहब्बत बेवफ़ाई आँखें पायल बेचैनियाँ करवट तलाश गज़ब ख़ामोश वादा ख़फा निगाहें शायरी


2101
उनको गुजरते देखा,
तो आँखें बंद करली हमने...
पायलकी झंकार क्या उठी,
आँखोंने बगावत कर दी.......

2102
आँखोंके जादुसे,
अभी तुम कहाँ वाकिफ हो ,
हम उसे भी जीना सिखा देते हैं
जिसे मरनेका शौक हो ।

2103
मोहब्बत खो गयी मेरी,
बेवफ़ाईके दलदलमें,
मगर इन पागल आँखोंको,
आज भी उनकी तलाश रहती हैं...

2104
ना करवटें थी
ना बेचैनियाँ थी
क्या गज़बकी नींद थी
मोहब्बतसे पहले...

2105
लब ये ख़ामोश रहेंगे,
ये तो वादा हैं मेरा,
कुछ अगर कह दें निगाहें,
तो ख़फा मत होना.......

19 December 2017

2096 - 2100 वफ़ा उम्मीद हसरत बात शौक सीने मेहरबानी खाक अरमान इंतेहा सितम बेवफ़ा सब्र पल ख्वाब याद बात तकलीफ शायरी


2096
नहीं रहा जाता तेरे बिना...
इसीलिए तुझसे बात करते हैं l
वरना हमें भी कोई शौक नहीं हैं,
तुझे यूँ सतानेका.......

2097
अरमान ही बरसो तक,
जला करते हैं,
इंसान तो बस इक पलमे हीं,
खाक हो जाता हैं...

2098
ज़ाते ज़ाते मेरे सीनेसे लग़क़र,
वह रो पड़ी l
आज़तक़ उसक़ी मुझे,
वह मेहरबानी याद हैं ll

2099
"ना पूछ मेरे सब्रकी इंतेहा कहाँ तक हैं,
तू सितम कर ले, तेरी हसरत जहाँ तक हैं,
वफ़ाकी उम्मीद, जिन्हें होगी उन्हें होगी,
हमें तो देखना हैं, तू बेवफ़ा कहाँ तक हैं..."

2100
बहुत तकलीफ देता हैं...
ख्वाबोंका,
ख्वाब रह जाना . . .

18 December 2017

2091 - 2095 दिल इश्क़ एहसास शिद्दत साये धूप लफ्ज़ इम्तिहां लकीरें अजीब बरसात काबू फ़रेब शायरी


2091
ये मत पूछ के,
एहसासकी शिद्दत क्या थी,
धूप ऐसी थी के,
सायेको भी जलते देखा।

2092
इश्क़ नहीं हैं तुमसे,
जो तुमसे हैं...
उसके लिए कोई
लफ्ज़ नहीं.......

2093
हाथकी लकीरें भी
कितनी अजीब हैं...
कम्बख्त मुठ्ठीमें हैं
लेकिन काबूमें नहीं...!!!

2094
तू ही बता...
किस कोनेमें सुखाऊँ यादें तेरी...
बरसात...
बाहर भी हैं और भीतर भी.......

2095
दिलको इसी फ़रेबमें,
रखा हैं उम्रभर;
इस इम्तिहांके बाद,
कोई इम्तिहां नहीं.......!

2086 - 2090 दिल प्यार मोहब्बत याद लख्ते जिगर दुश्वार नजर मेहफिल दर्द वक़्त बहार करार इंतज़ार शायरी


2086
उनको आती नहीं हमारी याद अभी,
लख्ते जिगर कहां करते थे हमे शायद कभी,
उनसे नजरे भी मिलाना दुश्वार हो गया,
जो मेहफिलमें बुलाया करते थे खुद कभी...

2087
फूल उसे देना, जो बहार जानता हो...
दर्द उसे देना, जो करार जानता हो...
वक़्त उसे देना, जो इंतज़ार जानता हो...
और दिल उसे देना, जो प्यार जानता हो !!!

2088
कोई खुशियोंकी चाहमें रोया,
कोई दुखोंकी पनाहमें रोया,
अजीब सिलसिला हैं ये जिन्दगीका,
कोई भरोसेक़े लिए रोया तो कोई भरोसा करक़े रोया...

2089
न ख्वाहिशें हैं न शिकवे हैं
अब न ग़म हैं कोई,
ये बेख़ुदी भी कैसे कैसे
ग़ुल खिलाती हैं।

2090
बदल गया वक़्त,
बदल गयी बातें,
बदल गयी मोहब्बत,
कुछ नहीं बदला तो वो हैं,
इन आँखोंकी नमी और तेरी कमी !!!

16 December 2017

2081 - 2085 दिल मुहब्बत मुलाक़ात खयाल याद शराबी दिक्कत मौसम बरसात बारिश शायरी


2081
हमें नशा तो आपकी बातका हैं,
कुछ नशा तो धीमी बरसातका हैं,
हमें आप यूँही शराबी ना कहिये...
इस दिलपर असर तो आपसे मुलाक़ातका हैं !!!

2082
तुम्हारे खयालोमें चलते चलते,
कही फिसल ना जाऊ मैं,
अपनी यादोंको रोको,
की मेरे शहरमें बारिशका मौसम हैं...!

2083
कहीं फिसल ना जाओ ज़रा,
संभलके रहना...!
मौसम बारिशका भी हैं और...
मुहब्बतका भी.......!!!

2084
मेरे शहरमें,
ख़ुदाओंकी कमी नहीं हैं,
दिक्कतें तो मुझे आजभी,
इंसान ढूंढनेमें होती हैं.......

2085
वफ़ाके वादे वो सारे,
भुला गयी चुप चाप,
वो मेरे दिलकी दीवारें,
हिला गयी चुप चाप.......

2076 - 2080 बेवफा इम्तेहा नज़रे नादान रोना आँसू जान ग़ज़ल किताब आसमां समझ ज़माना शायरी


2076
वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी...
मिलेगी नज़रोंसे नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी...
उसे मेरी कबरपर दीया मत जलाने देना...
वो नादान हैं यारों... अपना हाथ जला लेगी...

2077
सोचा ही नहीं था मैंने कि,
ऐसे भी ज़माने होंगे,
रोना भी ज़रूरी होगा और,
आँसू भी छुपाने होंगे . . .

2078
"जान"
थी वह मेरी
और "जान" तो
एक दिन चली ही जाती हैं...

2079
अर्ज किया हैं,
हवा चुरा ले गयी थी
मेरी ग़ज़लोंकी किताब l
देखो, आसमां पढ़के रो रहा हैं,
और
नासमझ ज़माना खुश हैं कि
बारिश हो रही हैं...!

2080
वो कहता हैं की,
बता तेरा दर्द कैसे समझू,
मैंने कहां...
की इश्क़ कर और करके हार जा !

14 December 2017

2071 - 2075 मोहब्बत जिंदगी महफ़िल तमाशे प्रेम दुश्मन गैर शिक़ायत रूठ बोल उम्मीद शायरी


2071
प्रेम तो सबको गैरोसे ही होता हैं...
अपने तो बस,
प्रेमके दुश्मन ही होते हैं...!

2072
वो रूठक़े बोले क़ी,
तुम्हे सब शिक़ायते मुझसे हैं,
मैने मनाया और क़हां क़ी,
मुझे सब उम्मीदे तुमसे हैं !!

2073
"कोई बेसबब, कोई बेताब,
कोई चुप, कोई हैरान...!
ऐ जिंदगी, तेरी महफ़िलके तमाशे,
ख़त्म नहीं होते......."

2074
सिर्फ मोहब्बत ही,
ऐसा खेल हैं...
जो सीख जाता हैं,
वहीं हार जाता हैं।

2075
एक मुख़्तसरसी वजह हैं,
मेरे झुकके मिलनेकी
मिट्टीका बना हूँ,
गुरुर जँचता नहीं मुझपर !!!

13 December 2017

2066 - 2070 इश्क़ गुलाब जवाब सवाल नशा शराब बात रूठ साथ खुश आईना आदत कीमत भरोसे शायरी


2066
मैं तोड लेता अगर तू गुलाब होती,
मैं जवाब बनता अगर तू सवाल होती...
सब जानते हैं मैं नशा नहीं करता,
मगर मैं पी भी लेता अगर तुम शराब होती ...

2067
बिन बातके ही रूठनेकी आदत हैं,
किसी अपनेका साथ पानेकी चाहत हैं,
आप खुश रहें, मेरा क्या हैं.......
मैं तो आईना हूँ, मुझे तो टूटनेकी आदत हैं

2068
उसीसे पुछ लो,
उसके इश्क़की कीमत;
हम तो बस,
भरोसेपें बिक गए.......

2069
हमारी 'शायरी' सुनकर,
बस इतनासा बोले 'महफ़िल' में लोग...
'कलम' छिन लो इससे...
इसके 'लफ़्ज', ... 'दिल चीर' देते हैं ...

2070
आज कोई शायरी नहीं...
बस इतना सुन लो...
मैं तन्हा हूँ ,
और वजह तुम हो.......!

11 December 2017

2061 - 2065 मोहब्बत दर्द दिल सुबह रात शर्त ज़ुदाई मौत वक्त अजीब दूरियाँ नज़दीकियाँ शायरी


2061
तुम क़्या ज़ानो,
मोहब्बतमें ज़ुदाई क़्या होती हैं,
क़्योंक़ि तुमने क़ि हीं नहीं थी।


2062
दर्द तो सबक़े दिलोंमें हैं l
बस क़ोई लिख़ रहा हैं,
क़ोई पढ़ रहा हैं...!
2063
रातकी मुट्ठीमें,
एक सुबह भी हैं
शर्त हैं की पहले,
जी भर अँधेरा तो देख ले...

2064
मौतके मारोंको,
यहाँ हजार कंधे मिल जाते हैं,
कोई नहीं चलता,
पर वक्तके मारोंके साथ...

2065
कितनी अजीब बात हैं.......
दूरियाँ सिखाती हैं कि,
नज़दीकियाँ क्या होती हैं?

10 December 2017

2056 - 2060 दिल रूह मोहब्बत प्यार फासला ज़िन्दगी तलाश सिमट सुकून खबर फुरसत रंजिशे मोहलत अरमान शायरी


2056
दिलसे दिलका फासला,
कुछ यूँ तय हो जाये...
दिल मेरा धड़के,
और खबर तुझे हो जाये...

2057
ज़िन्दगी गुज़र जाती हैं ये ढूँढनेमें
कि..... ढूंढना क्या हैं...!
अंतमें तलाश सिमट जाती हैं इस सुकूनमें कि ...
जो मिला... वो भी कहाँ साथ लेकर जाना हैं ...
फुरसत मिले जब भी रंजिशे भुला देना,
मालुम नही कि सांसोकि,
मोहलत कहाँ तक मिली हैं...

2058
हर पलमें प्यार हैं,
हर लम्हेमें ख़ुशी हैं !
खो दो तो याद हैं...
जी लो तो ज़िन्दगी हैं ...!

2059
मैने कहां खुदासे कि
ज़हरसे जहरीला कोई ज़हर दे दे....
फिर क्या था,,,
खुदाने मेरी हथेलीमें मोहब्बत लिख दी...

2060
बाद मरनेक़े भी,
अरमान यहीं हैं ऐ दोस्त।
रूह मेरी तिरे,
आग़ोश-ए-मोहब्बतमें रहे।।

8 December 2017

2051 - 2055 इश्क प्यार रूह आँखे दुनियाँ याद एहसास सुकून जिन्दगी ख़ुशी ख्वाहिश कबूल जिस्म तमन्ना दुआ शायरी


2051
जागना भी कबूल हैं,
तेरी यादोंमें रातभर,
तेरे एहसासोंमें जो सुकून हैं,
वो नींदमें कहां .......

2052
दुआ करनी तो नहीं आती,
मगर यह ख्वाहिश हैं बस...
जहाँ साया भी उनका हो
वहांपर गम न आये...!

2053
तेरे प्यारमें दो पलकी जिन्दगी बहोत हैं,
एक पलकी हंसी और एक पलकी ख़ुशी बहोत हैं;
ये दुनियाँ मुझे जाने या ना जाने,
तेरी आँखे मुझे पहेचाने ये बहोत हैं !

2054
तमन्ना होती तेरे जिस्मकी
तो छीन लेते दुनियाँसे,,,
इश्क हैं तेरी रूहसे इसलिए,
खुदासे मांगते हैं तुझे।

2055
ना छेड़ किस्सा-ए-उल्फतका,
बड़ी लम्बी कहानी हैं...
मैं गैरोंसे नहीं हारा,
किसी अपनेकी मेहरबानी हैं.......