26 February 2018

2401 - 2405 जिंदगी ख्वाहिश ठोकरें अहसास लकीरें तकदीर शिकवें साथ लहर दामन पत्थर आँसु शायरी


2401
हलकी फुल्कीसी हैं जिंदगी
बोज तो सिर्फ ख्वाहिशोका हैं,
तमाम ठोकरें खानेके बाद...
ये अहसास हुआ मुझे...
कुछ नहीं कहती हाथोंकी लकीरें...
खुद बनानी पड़ती हैं बिगङी तकदीरें...!

2402
कुछ शिकवें ऐसे भी हैं.......
जो खुद ही किये
और खुद ही सुने.......

2403
अभी तो साथ चलना हैं,
समंदरों कि लहरोंमें;
किनारोंपर ही देखेंगे...
किनारा कौन करता हैं.......

2404
बादलोंसे टूटकर भी,
लिपटी हैं पत्तोंके दामनसे;
ज़मींपर गिरनेसे डरती हैं,
शायद कुछ बूंदे.......

2405
"सुनते आये हैं की,
पानीसे कट जाते हैं पत्थर,
शायद मेरे आँसुओंकी धार ही,
थोड़ी कम रही होगी..."

25 February 2018

2396 - 2400 जिंदगी दौर इत्मीनान ख़ुशी ग़मकी मुस्कुरा आदत धड़कन मुश्किल ख्याल आँख याद खजाना शायरी


2396
गुजर जाएगा ये दौर भी ज़रा,
इत्मीनान तो रख...
जब ख़ुशी ही ना ठहरी,
तो ग़मकी क्या औकात हैं...।

2397
रूठे-रूठे से रहते हो,
तरकीब बताओ मनानेकी।
हम जिंदगी गिरवी रख देंगे,
तुम कीमत बताओ मुस्कुरानेकी।

2398
पलकोंको अब,
झपकनेकी आदत नहीं रही;
जाने क्या हुआ हैं,
तुम्हें देखनेके बाद.......

2399
शोर न कर धड़कन जरा,
थम जा कुछ पलके लिए...
बड़ी मुश्किलसे मेरी आँखोंमें,
उसका ख्याल आया हैं.......

2400
किसीने पुछा मुझसे
क्या हैं तेरी जिन्दगीका खजाना,
मूझे याद आ गया उनका,
वो हलकेसे मुस्कुराना.......

23 February 2018

2391 - 2395 ज़िंदगी मोहब्बत प्यारी रंग बात ख्वाब हक़ीकत रुठ खुबसुरत शिकायत बेवफा बदल फुल शायरी


2391
मुझे बहुत प्यारी है,
तुम्हारी दी हुई हर एक निशानी...
चाहे वो दिल का दर्द हो,
या.....आँखों का पानी......

2392
"किताबों के पन्नो को पलट के सोचता हूँ,
यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात है;
ख्वाबों मे रोज मिलता है जो,
हक़ीकत में आए तो क्या बात है."

2393
ऐ ज़िँदगी,
अब तू ही रुठ जा मुझसे...
ये रुठे हुए लोग,
मुझसे मनाए नहीँ जाते.......

2394
बहुत खुबसुरत होती हैं,
एक तरफा मोहब्बत...
ना कोई शिकायत होती हैं,
ना कोई बेवफा कहलाता हैं...

2395
वो अक्सर मुझे कहते हैं,
'बदल गए हो तुम'
उन्हें क्या पता.......

टूटे हुए फुलों के रंग,
बदल जाते हैं...

22 February 2018

2386 - 2390 दिल दुनियाँ जिंदगी गुलशन लफ्ज़ ज़िक्र गम ज़ीनत सिलसिला वास्ता आदत सपना सख्श अंजाम शायरी


2386
मुक्कमलसी लगती हैं,
मेरी शायरी...!!!
लफ्ज़ जब सारे मेरे होते हैं,
और ज़िक्र सारा तेरा...!!!

2387
गुलशनकी फ़कत फुलोंसे नहीं,
काँटोसे भी ज़ीनत होती हैं...
जीनेके लिए इस दुनियाँमें,
गमकी भी जरुरत होती हैं.......

2388
ठहर ज़ाओ, बोसे लेने दो...
न तोड़ो सिलसिला l
एक़क़ो क़्या वास्ता हैं,
दूसरेक़े क़ामसे.......?
               परवीन उम्म-ए-मुश्ताक़

2389
फिरसे वो सपना सजाने चला हूँ...
उमीदोंके सहारे...
दिल लगाने चला हूँ...
पता हैं कि...
अंजाम बुरा ही होगा मेरा...
फिर भी...
किसीको अपना बनाने चला हूँ.......

2390
तुम मेरी जिंदगीका,
वो एकलौता सच हो,
जिसके बारेमें मैने दुनियाँके हर सख्शसे,
झूठ कहा हैं.......

2381 - 2385 दिल महोब्बत ख्वाहिश ज़िन्दगी वफ़ा अजीज बेज़ान लाजवाब फरमाइश खौफ दर्द दौलत चीज़ पल शायरी


2381
तेरी वफ़ाके तकाजे,
बदल गये वरना,
मुझे तो आज भी,
तुझसे अजीज कोई नहीं।

2382
हम तो बेज़ान चीज़ोंसे भी,
वफ़ा करते हैं l
तुझमे तो फिर भी,
मेरी ज़ान बसी हैं...

2383
लाजवाब फरमाइश हैं,
मेरे दिलकी...
फिरसे महोब्बत करनी हैं,
और तुमसे ही करनी हैं.......

 2384
कोईभी लुटेरा न हैं,
मेरे आस - पास;
बेखौफ लिए फिरता हूँ'
मैं दर्दकी दौलत...

2385
वो एक पल ही सही,
जिसमें तुम मिल जाओ मुझे,
और उस एक पलसे ज़्यादा ज़िन्दगीकी,
ख्वाहिश भी नहीं मुझे.......!

20 February 2018

2376 - 2380 मोहब्बत इश्क जिंदगी याद जान दर्द प्यार मुश्किल नफरत तेरी भी कमाल इन्तजार शायरी


2376
तुमपें गुजरेगी तो
तुम भी जान जाओगे.....
कोई अपना याद न करे तो
कितना दर्द होता हैं।।

2377
सुना हैं प्यारमें,
मुश्किल नहीं कुछ भी;
चलो समंदरमें,
आग लगाकर आज़माते हैं...।

2378
कितने पहेलवान पछाडे हैं,
ख्वाहिशोंके हमने...
ऐ जिंदगी तेरे श्कने हमे,
सुल्तान बना दिया ।

2379
क्या ओकात हैं तेरी,
ए जिन्दगी...
चार दिनकी मोहब्बत,
तुझे बरबाद कर देती हैं...

2380
अब ना शिकवा,
ना गीला,
ना मलाल रहा,
नफरत तेरी भी कमाल रही,
इन्तजार मेरा भी कमाल रहा...

18 February 2018

2371 - 2375 दिल महोब्बत सुरभि गुलाब ख्वाब उम्मीद जिस्म जख्म चोट मुश्किल कलीफ महसूस शायरी


2371
सुरभि खो जाती हैं...
जैसे सूखे गुलाबोंसे...
कुछ यूँ ही विलीन हुये...
हम तेरे ख्वाबोंसे.......

2372
मुझसे नफरत ही करनी हैं,
तो इरादे मजबूत रखना;
जरासा भी चूके,
तो महोब्बत हो जायेगी !

2373
मत रख हमसे वफाकी उम्मीद,
हमने हर दम बेवफाई पायी हैं,
मत ढूंढ हमारे जिस्मपें जख्मके निशान,
हमने हर चोट दिलपें खायी हैं...

2374
शिकायते बयाँ करना,
इसलिए मुश्किल होता हैं की...
जिसे हम सुनना चाहते हैं वो हमे
सुनकर भी बेखबर बना रहता हैं....!

2375
क्यू नहीं महसूस होती,
उसे मेरी तकलीफ...
जो कहती थी.......
"बहोत अच्छेसे जनता हूँ तुझे" ।।

16 February 2018

2366 - 2370 दिल मोहब्बत जिन्दगी ऐतबार लफ़्ज़ हसरत खफा सलवट परवाह ख्वाब मुकद्दर हकीकत शायरी


2366
"जो रहते हैं दिलमें वो जुदा नहीं होते;
कुछ एहसास लफ़्ज़ोंसे बयाँ नहीं होते;
एक हसरत हैं कि उनको मनाये कभी;
एक वो हैं कि कभी खफा नहीं होते।

2367
बहुत दिन हो गए
'मुहब्बत' लफ्ज़ सुनकर,
कल 'बेवफ़ा' सुना तो
तुम याद आ गए.......

2368
तुम्हे किसीकी मोहब्बतका ऐतबार नहीं,
तुम्हे ज़मानेने शायद बहुत सताया हैं.....

2369
तू चेहरेकी बढ़ती
सलवटोंकी परवाह ना कर...
हम लिखेंगे अपनी शायरीमें,
हमेशा जवाँ तुझको...

2370
हर ख्वाबके मुकद्दरमें,
हकीकत नहीं होती...
कुछ ख्वाब जिन्दगीमें...
महज ख्वाब ही रह जाते हैं...!

15 February 2018

2361 - 2365 दिल मोहब्बत प्यार नादान मुलाकात नजरें इतफ़ाक खूबी अजीब कमाल जवाब सवाल शायरी


2361
जो मिलते हैं...
वो बिछड़ते भी हैं यारों...
हम ही नादान थे जो,
एक शामकी मुलाकातको जिंदगी समझ बैठे...!

2362
शामसे आँखमें नमींसी हैं,
आज फिर आपकी कमीसी हैं !

2363
कुछ तो राज हैं,
तेरे दिलमें भी,
ये नजरें चुराना,
इतफ़ाक नहीं हैं...

2364
खूबीयोंसे ही मोहब्बत हो
ये जरूरी तो नहीं,
प्यार तो अक्सर कमीयोंसे ही
हो जाता हैं.......

2365
ये दिल अजीब हैं,
अक्सर कमाल करता हैं...
जवाब जिनका नहीं,
वो सवाल करता हैं...!

14 February 2018

2356 - 2360 होंठ अहसास प्यास इश्क हार जीत दिल दुश्मन मीत बात नाम गलती मरहम दर्द शायरी


2356
उसके होंठोंको चूमा,
तो अहसास ये हुआ...
एक पानी ही ज़रूरी नहीं,
प्यास बुझानेके लिए.......!

2357
इश्क हार भी हैं,
इश्क जीत भी हैं,
दिलका दुश्मन भी हैं,
दिलका मीत भी हैं...

2358
एक बस तुमसे बात हो जाए,
तो रातको दिल कहता हैं...
“आज दिन अच्छा था”...!

2359
मिटाना चाहू तो भी,
नहीं मिटा सकते उसका नाम अपने दिलसे।
क्योकि मिटाये वो जाते हैं,
जो गलतीसे लिखे जाते हैं...।।

2360
उन जख्मोंका क्या करेगा कोई.......!
जिनको मरहमसे भी दर्द होता हैं.......!

2351 - 2355 दिल इश्क अजीब जुदाई अलविदा सादगी फरेब बेवफा गम सजा अल्फाज़ मोहब्बत खुशबु नजर शायरी


2351
कितनी अजीब जुदाई थी की,
तुझे अलविदा भी ना कह सका,
तेरी सादगीमें इतना फरेब था की
तुझे तुझे बेवफा भी ना कह सका !

2352
हर अल्फाज़ दिलका दर्द हैं मेरा,
पढ़ लिया करो ,
कौन जाने कौनसी शायरी,
आखिरी हो जाये.......

2353
गम लिखूँ या इश्कमें,
दर्दकी सजा लिखूँ...........!
सबने तो लिखी शायरी,
क्यूँ ना मैं दवा लिखूँ...........!!!

2354
खींच लाती हैं मुझको,
तेरी मोहब्बत वर्ना . . .
आखिरी बार तो मिला हूँ मैं,
कई बार तुझसे . . . . . . .।

2355
न जाने कहाँ रहती हो तुम ...
खुशबु आती हैं ...
नजर नहीं आती हो तुम .......

12 February 2018

2346 - 2350 फ़साना फासले क़र्ज़ मर्ज़ी ज़िन्दगी क़दम रिश्ते ज़ला ख़त फ़ज़ा रक़्स शरर शायरी



2346
"खुल जाती हैं गांठें सारी,
बस जरासे जतनसे...!
मगर लोग कैचियाँ चलाकर,
सारा फ़साना बदल देते हैं...!"

2347
फासले इस कदर,
आज हैं रिश्तोंमें,
जैसे कोई क़र्ज़ चुका रहा हो,
किस्तोमें.......!

2348
अपनी मर्ज़ीसे भी,
दो चार क़दम चलने दे ज़िन्दगी...l
हम तेरे कहनेपें,
चले हैं बरसों...ll

2349
धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा हैं...
लोग भी... रिश्ते भी...
और कभी कभी,
हम खुद भी.......

2350
ज़ला दिए हैं क़िसीने,
पुराने ख़त वर्ना...
फ़ज़ामें ऐसा तो,
रक़्स-ए-शरर नहीं होता l
             अब्दुल वहाब सुख़न

11 February 2018

2341 - 2345 दिल मंजिले खुशनसीब हासिल दीवाने सफर बेपरवाह परवाह प्यार खुशियाँ दर्द यकीन उजाले शायरी


2341
मंजिले तो,
खुशनसीब लोगोंको हासिल हो गयीं...
हम तो दीवाने थे,
सफरमें ही रह गयें...!

2342
बेपरवाह हो जाते हैं,
अक्सर वो लोग सभी,
जिनकी हम खुदसे ज्यादा,
परवाह करने लगें।

2343
जब प्यार किसीसे,
हदसे ज्यादा होने लगे...!
तो वो प्यार खुशियोंसे ज्यादा...
दर्द देने लगता हैं.......

2344
मैं कड़ी धुपमें चलता हूँ,
इस यकीनके साथ,
मैं जलुंगा तभी तो,
मेरे घरमें उजाले होंगे !

2345
ग़ज़ल और शायरीक़ी बात तो,
हम रोज़ क़रतें हैं !
ज़रा नज़दीक़ आओ,
आज़ दिलक़ी बात क़रतें हैं !