2 October 2019

4811 - 4815 चेहरा गम रंग बातें यादें रिश्ता मोहब्बत फुरसत दुरियाँ करीब पास शायरी


4811
तेरा चेहरा, तेरी बातें,
तेरा गम, तेरी यादें...
इतनी दौलत,
पहले कहाँ थी पास मेरे...!

4812
दुरियाँ खलती हैं मुझे,
इतने करीब रिश्तोंमें;
कि आ भी जाओ मेरे पास,
यु ना मोहब्बत दो मुझे किश्तोमें...!

4813
तुम्हारे पास तो फिर भी तुम हो...!
मेरे पास तो मैं भी नही.......!!!

4814
नस नसमें हैं तू,
बस मेरे पास नही हैं तू...

4815
सुनो... फुरसत मिले तो,
चले आओ न मेरे पास...
देखो रंगमें रंगनेका,
दिन भी आ गया.......!

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