10176
नींद क़्यूँ टूट ग़ई,
आख़िर-ए-शब
क़ौन मेरे लिए,
तड़पा होग़ा...
अंजुम लुधियानवी
10177
इश्क़ तो इश्क़ हैं साहेब...
मिज़ाज़ी हो या हक़ीक़त..
ज़ो मज़ा तड़पनेमें हैं,
वो मज़ा सुक़ूँमें क़हाँ...
10178
बिस्मिलक़े तड़पनेक़ी,
अदाओंमें नशा था...
मैं हाथमें तलवार लिए,
झूम रहा था...!
आदिल मंसूरी
बिस्मिलक़े तड़पनेक़ी,
अदाओंमें नशा था...
मैं हाथमें तलवार लिए,
झूम रहा था...!
आदिल मंसूरी
10179
तड़प हीं तड़प,
रह ग़ई सिर्फ़ बाक़ी...
ये क़्या ले लिया,
मेरे पहलूसे तूने
मुज़्तर ख़ैराबादी
10180
मुख़्तसर ये हैं,
हमारी दास्तान-ए-ज़िंदग़ी...
इक़ सुकून-ए-दिलक़ी ख़ातिर,
उम्रभर तड़पा क़िए
मुईन अहसन जज़्बी
मुख़्तसर ये हैं,
हमारी दास्तान-ए-ज़िंदग़ी...
इक़ सुकून-ए-दिलक़ी ख़ातिर,
उम्रभर तड़पा क़िए
मुईन अहसन जज़्बी