14 February 2017

962 तस्वीर सिने जुदाई गम जिक्र पलक शायरी


962

जुदाई, Separation

"उनकी तस्वीरको सिनेसे लगा लेते हैं,
इस तरह जुदाईका गम मिटा देते हैं,
किसी तरह कभी उनका जिक्र हो जाये तो,
भिगी पलकोंको हम झुका लेते हैं l"

"I hug her picture,
In this way we erase the sorrow of separation,
If by any chance she is ever mentioned,
"We bow my wet eyelids."

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