15 January 2026

10286 - 10290 दिल मोहब्बत इश्क़ दामन सावन बरसा सख़ियाँ मिलन याद अज़ल अबद बसर अश्क़ चश्म साथ सहारे तड़प शायरी

 
10286
दामन छुड़ाक़े उनसे मैं,
ज़ाऊँ तो क़्या क़रूँ...
क़ैसे तड़प तड़पक़े,
बुलाएँ मोहब्बतें......!
                           मुसर्रत ज़बीं ज़ेबा

10287
क़्या सावन क़ैसी बरसातें,
क़्या सख़ियाँ क़्या मिलनक़ी रात...
रोता हैं दिल तड़प तड़प,
ज़ब याद पियाक़ी आती हैं......
उस्ताद वज़ाहत हुसैन ख़ाँ

10288
सुब्ह-ए-अज़लसे,
शाम-ए-अबद तक़ हैं एक़ दिन,
ये दिन तड़प तड़पक़े,
बसर क़र रहे हैं हम...
                                 रईस अमरोहवी

10289
अश्क़ आए ग़म-ए-शहसे,
ज़ो चश्म-ए-तरमें
दिल ज़लने लग़ा,
तड़प तड़पक़र बरमें...
अहमद हुसैन माइल

10290
तेरी यादके सहारे,
ही तो इश्क़ ज़िंदा हैं,
मर ज़ाते तड़पक़े,
गर याद साथ न होती ll

14 January 2026

10281 - 10285 ग़ुज़ार तमाम रात चैन हयात रुख़ शब तक़लीफ़ आराम हुस्न बात दिल ज़ुल्म तड़प शायरी


10281
क़्यूँक़र तड़प तड़पक़े,
ग़ुज़ारी तमाम रात...
ये माज़रा उन्हें भी,
सुना लूँ तो चैन लूँ...
साहिर सियालक़ोटी

10282
मक्र-ए-हयात,
रुख़क़ी क़बा भी उतार दी ;
हमने तड़प तड़पक़े,
ये शब भी ग़ुज़ार दी ll
फ़रहान सालिम

10283
तक़लीफ़ दूर हो ग़ई,
आराम आ ग़या l
मरना तड़प तड़पक़े,
मिरा क़ाम आ ग़या ll
                                क़द्र ओरैज़ी

10284
रात तमाम हो ग़ई,
सिर्फ़ तक़ल्लुफ़ातमें...
इश्क़ तड़प तड़प उठा,
हुस्नक़ी बात बातमें......
मुस्तफ़ा हुसैन नय्यर

10285
रहता नहीं हैं रक़्ख़े,
थमता नहीं थमाए...
दिल अब तड़प तड़पक़र,
इक़ ज़ुल्म क़र रहा हैं......
                                     मीर तक़ी मीर

13 January 2026

10276 - 10280 सराफ़ील नज़र प्यार ठहर आँख़ें ज़ान तमन्ना तमाशा शब सुब्ह रात तड़प शायरी

 
10276
क़्या क़्या तड़प तड़पक़े,
सराफ़ील गिर पड़े...
दम आ ग़या जो सूरमें,
मुझ बेक़रारक़ा......
                            अहमद हुसैन माइल

10277
मैं उसक़ी ख़ास नज़रसे,
तड़प तड़प उठ्ठूँ l
वो इतने प्यारसे देख़ें,
ठहर ठहरक़े मुझे ll
अफ़रोज़ रिज़वी

10278
देता हूँ मैं इधर,
जी अपना तड़प तड़पक़र...!!
देख़ें हैं वो उधरक़ो,
आँख़ें चुरा चुराक़र......!!!
                                       ज़ुरअत क़लंदर बख़्श

10279
देवे हैं ज़ान,
मुर्ग़-ए-तमन्ना तड़प तड़प l
इस पर भी उसक़ो,
लुत्फ़-ए-तमाशा न आवे हैं ll
रुस्तम नामी

10280
रोज़-ओ-शबक़े क़ोह तराशें,
रोज़क़ा ये मा'मूल हुआ...
मर मरक़र अब सुब्ह क़रेंग़े,
तड़प तड़पक़र रात हुई ll
                                         सुलताना मेहर

12 January 2026

10271 - 10275 जीना मरना सिसक़ फ़रियाद ताक़त रूह बिज़लिय रुबाब चैन इंतिज़ार तड़प शायरी

 
10271
जीना तड़प तड़पक़र,
मरना सिसक़ सिसक़क़र...
फ़रियाद एक़ जी हैं,
क़्या क़्या ख़राबियोंमें...
                            सिराज़ औरंग़ाबादी

10272
पहुँचे तड़प तड़पक़े,
भी ज़ल्लाद तक़ न हम ;
ताक़तसे हाथ पाँव,
ज़ियादा हिला चुक़े ll
हैंदर अली आतिश

10273
क़ल्ब तड़प तड़प उठा,
रूह लरज़ लरज़ ग़ई l
बिज़लियाँ थीं भरी हुई,
ज़मज़मा-ए-रुबाबमें ll
                                असर सहबाई

10274
क़्यूँक़र तड़प तड़पक़े,
ग़ुज़ारी तमाम रात...
ये माज़रा उन्हें भी सुना लूँ,
तो चैन लूँ...
साहिर सियालक़ोटी

10275
हाँ हाँ तड़प-तड़पक़े,
ग़ुज़ारी तुम्हींने रात...
तुमने हीं इंतिज़ार क़िया,
हमने क़्या क़िया...ll
                                    दाग़ देहलवी

11 January 2026

10266 - 10270 दिल ग़ोशा क़फ़स अरमाँ रिहाई ग़िला क़ातिल हौसला ख़ामोशी हाल सिसक़ि आशियाँ तड़प शायरी

 
10266
तड़प तड़पक़े हुआ,
ग़ोशा-ए-क़फ़समें तमाम...
दिल-ए-असीरमें,
अरमाँ रहा रिहाईक़ा ll
                           इनायतुल्लाह रौशन बदायूनी

10267
ग़िला क़िसे हैं क़ि,
क़ातिलने नीम-ज़ाँ छोड़ा...
तड़प तड़पक़े निक़ालूँग़ा,
हौसला दिलक़ा ll
यग़ाना चंग़ेज़ी

10268
और ग़िरक़र फ़र्शपें,
छनसे टूट ग़या तो...
तड़प तड़पक़र,
मर ज़ाएग़ी ख़ामोशी......
              मोहसिन आफ़ताब क़ेलापुरी

10269
मैं हाल अपना दोस्तो,
तुम्हें सुनाऊँ क़िस तरह...
तड़प तड़पक़े ज़ी रहा हूँ,
सिसक़ियोंक़े ज़ालमें......
यासिर ग़ुमान

10270
ज़ो मुर्ग़-ए-क़िबला-नुमा बनक़े,
आशियाँसे चले...
तड़प तड़पक़े वहीं रह ग़ए,
ज़हाँसे चले......
                                           शाद लख़नवी

10 January 2026

10261 - 10265 अरमान भड़क़ ख़ुद क़रार इशारे दीद सौदे तरीक़ सनम आस्ताँ इज़्तिराब तड़प शायरी

 
10261
तड़प तड़प न उठो,
आज़ मेरे अरमानो...
भड़क़ भड़क़क़े शरारो,
मुझे फ़रेब न दो ll

                             शहज़ाद अहमद

10262
न बे-क़रार हो,
तू मेरी बे-क़रारीपर...
तड़प तड़पक़े,
ख़ुद आ ज़ाएग़ा क़रार मुझे ll
ज़िग़र ज़ालंधरी

10263
तुम्हारी दीदक़े सौदेमें,
आ ग़या सौ बार ;
तड़प तड़पक़े,
दिल-ए-बे-क़रार आँखोंमें ll

                          मुंशी शिव परशाद वहबी

10264
ख़ुदा ख़ुदाक़े इशारेपें,
लौट लौट ग़या ;
तड़प तड़पक़े,
तरीक़-ए-सनम सनमपें चला ll
ज़ाफ़र ताहिर

10265
तड़प तड़पक़े,
तिरे आस्ताँपें ले आया ;
बड़ा असर,
दिल-ए-पुर-इज़्तिराबमें देख़ा ll
                                                    नज़र बर्नी

10256 - 10260 ज़िंदग़ी ज़माने ग़ुज़ारी वक़्त मुस्क़ुरा ज़ान शिक़ायत दामन प्यारमें अफ़्शाँ ज़ान याद तड़प शायरी

 
10256
तड़प तड़पक़े ग़ुज़ारी हैं,
ज़िंदग़ी मैने...
मुझे क़भी न मिला,
वक़्त मुस्क़ुरानेक़ा......

10257
तड़प तड़पक़े तो बिस्मिलने,
ज़ान तक़ दे दी ;
वो आब-ए-तेग़क़े दो घूँट भी,
पिला न सक़े......
नूर लुधियानवी

10258
तड़प तड़पक़े ग़ुज़ारे हैं,
रोज़-ओ-शब लेक़िन ;
क़भी ज़बाँसे शिक़ायत न क़ी,
ज़मानेक़ी......

                                         बृज़ेस तलअत निज़ामी

10259
तड़प तड़पक़े,
तिरे बिस्मिलोंने,
मक़्तलमें बढ़ाए हाथ मग़र,
दामन-ए-क़ज़ा न मिला......
नबीउल हसन शमीम

10260
तड़प तड़पक़े ज़िए ज़िसक़े,
प्यारमें 'अफ़्शाँ'...
उसीक़ी यादमें,
लो आज़ ज़ान भी दे दी...!

                                  अर्ज़ुमंद बानो अफ़्शाँ

8 January 2026

10251 - 10255 दिल बेक़रार ज़ुल्फ़ पैदा तमन्ना क़रवट हयात अंदाज़ ज़ान सहर ग़ज़ल अलामत शायरी


10251
तड़प तड़पक़े,
दिल-ए-बेक़रार रह ज़ाए...
क़ुछ और ज़ुल्फ़-ए-सियह,
पेंच-ओ-ताब पैदा क़र !!!
                       ख़लीलुल हुदा शारिक़ नियाज़ी

10252
तड़प तड़पक़े,
तमन्नामें क़रवटें बदलीं ;
न पाया दिलने हमारे,
क़रार सारी रात...
इम्दाद इमाम असर

10253
तड़प तड़पक़े,
सर-ए-दार मर ग़या क़ोई...
हयात क़हिए क़ि,
मरनेही क़ा हैं इक़ अंदाज़...!
                                           ख़ुर्शीद अलीग़

10254
तड़प तड़पक़े,
ज़हाँ मैने ज़ान दी हैं 'सिराज़'
ख़ड़े हुए थे वहींपर,
तमाशबीन बहुत......
सिराज़ फ़ैसल ख़ान

10255
तड़प तड़पक़े भी,
ज़िसक़ी सहर न हो पाए...
मिरी ग़ज़लभी,
उसी रातक़ी अलामत हैं...!
                                         मुख़्तार अंसारी

4 January 2026

10246 - 10250 मोहब्बत नफ़रत क़रवट ख़्वाब सवेरा रात क़यामत अश्क़ क़नार क़ब्र तड़प शायरी

 
10146
मुझे नफ़रत हैं,
इस मोहब्बतक़े नामसे l
क़्यूँ बिना क़सूर,
तड़पा तड़पाक़र मारा हैं मुझे ll

10247
बदले न क़रवटें भी,
क़ोई फ़र्श-ए-ख़्वाबपर...
ग़मसे तड़प तड़पक़े,
सवेरा क़रे क़ोई......?
शोला क़रारवी

10248
क़िस शब तड़प तड़पक़े,
न क़ाटी तमाम शब ;
क़िस रोज़ मेरे घरपें,
क़यामत नहीं रहीं !
                       नादिर शाहज़हाँ पुरी

10249
पिरोए अश्क़ोंक़े,
रोरोक़े हार ग़ोरीने l
तड़प-तड़पक़े ग़ुज़ारी,
बहार ग़ोरीने ll
तुफ़ैल होशियारपुरी

10250
क़नार-ए-ग़ैरमें,
रातें तड़प तड़पक़े क़टीं ;
रहे न चैनसे वो,
क़ब्रमें सुलाक़े मुझे...!
                                   रियाज़ ख़ैराबादी

3 January 2026

10241 - 10245 पहलू क़ुंज़-ए-क़फ़स बाल-ओ-पर ख़ामोश दिल सुक़ून इज़्तिराब बेरुख़ी याद नाम ढूँढ शब-ए-इंतिज़ार शायरी

 
10241
तड़प हीं तड़प रह ग़ई,
सिर्फ़ बाक़ी...
ये क़्या ले लिया,
मेरे पहलूसे तूने...?
                               मुज़्तर ख़ैराबादी

10242
क़ुंज़-ए-क़फ़स दिया हैं,
तो इतनी सक़त भी दे ;
तोड़ें तड़प तड़पक़े,
हर इक़ बाल-ओ-परक़ो हम !
नज़ीर हुसैन सिद्दीक़ी

10243
आख़िर तड़प तड़पक़े,
ये ख़ामोश हो ग़या...
दिलक़ो सुक़ून मिल ही गया,
इज़्तिराबमें l
                                    साहिर होशियारपुरी

10244
फ़िर उसे अपनी,
हर बेरुख़ी याद आए...
तड़प तड़पक़े वो,
नाम मेरा दोहराए...
मुअज़्ज़मा नक़वी

10245
मैं ढूँढता हूँ क़िसे,
बार-बार क़्या क़हिए ?
तड़प तड़पक़े शब-ए-इंतिज़ार,
क़्या क़हिए......!
                                    क़ाज़ी ज़लाल हरीपुरी

2 January 2026

10236 - 10240 ख़िलौने सड़क़ ज़बीन-ए-नियाज़ ज़ुल्फ़ दिल फ़रियाद आँख़ ड़र आँसू उल्फ़त क़सम ज़ालिम तड़प शायरी


10236
ख़िलौनेक़ी तड़पमें,
ख़ुद ख़िलौना वो बन ज़ाए ;
मिरा बच्चा सड़क़पर,
रोज़ग़ारी लेक़े निक़ला हैं ll

                                             रऊफ़ ख़ैर


10237
सज़्दे तड़प रहें हैं,
ज़बीन-ए-नियाज़में,
सर हैं क़िसीक़ी ज़ुल्फ़क़ा,
सौदा लिए हुए......
अदा ज़ाफ़री


10238
दिल तड़पता हैं फ़रियाद क़रक़े,
आँख़ ड़रती हैं आँसू बहाक़े...
ऐसी उल्फ़तसे वो ज़ाते ज़ाते,
मुझक़ो अपनी क़सम दे ग़ए हैं ll


10239
ज़लती हुई ज़मींपें,
तड़पने लग़े इमाम...
बेक़सपें ज़ालिमोंने,
क़िया और इज़्दिहाम...
मीर अनीस


10240
मज़ा हैं तिरे बिस्मिलोंक़ो तड़पमें,
तड़पमें नहीं बिस्मिलोंमें मज़ा हैं ll

                                                   क़ैफ़ी हैंदराबादी

1 January 2026

10231 - 10235 दिल समझ बेसबब इश्क़ लत नावक़-ए-ज़फ़ा निग़ाह शोर ख़बर दाएरे क़र्ब तड़प शायरी


10231
बेसबब 'राग़िब',
तड़प उठता हैं दिल...
दिलक़ो समझाना पड़ेग़ा,
ठीक़से......
                           इफ़्तिख़ार राग़िब

10232
ये इश्क़ भी एक़ लत हैं,
बहुत तड़पाता हैं....
दिलभी नहीं लग़ता,
ज़ब दिल क़हीं लग़ ज़ाता हैं...
कुँवर मुजतबा

10233
तड़प रहा हैं दिल,
इक़ नावक़-ए-ज़फ़ाक़े लिए ;
उसी निग़ाहसे फिर,
देखिए ख़ुदाक़े लिए ll
                               लाला माधव राम जौहर

10234
इस शोरने तड़पा दिया,
हज़रतक़े ज़िग़रक़ो l
अक़बरसे क़हा ज़ाओ तो,
अम्मोक़ी ख़बरक़ो ll
मिर्ज़ा सलामत अली दबीर

10235
दिलक़ी मौजोंक़ी तड़प,
मेरी सदामें आए...
दाएरे क़र्बक़े फैले तो,
हवामें आए ll
                                 आसिफ़ साक़िब

31 December 2025

10226 - 10230 उलझ तौबा दाम रहमत इल्ज़ाम बहार क़फ़स बेताब ज़ख़्म रास्ते दिल हूबहू तड़प शायरी


10226
क़हर ढाएग़ी असीरोंक़ी तड़प,
औरभी उलझेंग़े हल्क़े दामक़े...
                                              हफ़ीज़ जौनपुरी

10227
तड़पक़र मैने तौबा तोड़ ड़ाली,
तिरी रहमतपें इल्ज़ाम आ रहा था
अब्दुल हमीद अदम

10228
तड़पक़े रह ग़ई,
बुलबुल क़फ़समें ऐ सय्याद ;
ये क़्या क़हा क़ि,
अभी तक़ बहार बाक़ी हैं ll
                                  बेताब अज़ीमाबादी

10229
सोयी हुई तड़पक़ो,
फ़िरसे ज़ग़ा रहा हैं l
क़हता तो क़ुछ नहीं हैं,
बस याद आ रहा हैं ll
फ़रीहा नक़वी

10230
तड़प रहा हैं,
जो बेताब होक़े ज़ख़्मोंसे...
ये रास्तेमें मिरे,
दिलक़े हूबहू क़्या हैं...?
                  शाद फ़िदाई देहलवी

30 December 2025

10221 - 10225 दिल मोहब्बत चाहत याद सुबह रात दर्द अश्क तन्हाई मौत ज़िंदग़ी सहारे सनम तड़प शायरी


10221
तड़पक़र ग़ुज़र ज़ाएग़ी,
यह रातभी आखिर,
तुम याद नहीं क़रोग़े,
तो क़्या सुबह नहीं होग़ी ?

10222
बस दर्द अश्क तन्हाई और तड़प,
क़्या क़रेग़ी मौत मेरी ज़िंदग़ी लेक़र?

10223
तेरी यादोंक़े सहारे हीं तो,
ज़िन्दा हैं हम,
वरना क़बक़े तड़पते हुए,
मर ज़ाते हम !

10224
उनक़ी यादमें,
सारी रात तड़पते रहे,
वो न आनेसे रहे,
और ना हम बुलानेसे !
10225
मोहब्बत क़रक़े तो देख़ो तुम,
तड़प ना ज़ाओ तो क़हना ll

29 December 2025

10216 - 10220 इश्क़ मोहब्बत दिल क़सम हाथ मस्ती अचानक़ याद बहाने बाज़ सहारे साथ तड़प शायरी


10216
अग़र पता होता क़ि,
इतना तड़पाती हैं मोहब्बत…
तो क़समसे दिल लग़ानेसे पहले,
हाथ जोड़ लेते ll

10217
बैठे थे अपनी मस्तीमें,
क़ि अचानक़ तड़प उठे,
आक़र तुम्हारी यादने,
अच्छा नहीं क़िया l

10218
क़िसी ना क़िसी बहानेसे, 
तेरी यादें बाज़ नहीं आती;
मुझे तड़पानेसे l

10219
तेरी यादक़े सहारेहीं तो,
इश्क़ ज़िंदा हैं,
मर ज़ाते तड़पक़े ग़र,
याद साथ न होती ll

10220
वो मोहब्बत हीं क़ैसी, 
ज़िसमे क़ोई तड़प ना हो !

28 December 2025

10211 - 10215 दिल प्यार हाल आवाज़ बात बहाना दिख़ा बुझा ज़िन्दग़ी ज़ुदाई उम्र ज़ीवन याद सहारे ज़िन्दग़ी तड़प शायरी


10211
हमारी तड़पक़ा अब क़्या क़हे ग़ालिब,
ज़ब तब वो हमारी ग़ली आते नहीं,
उन्हें देख़े बिना ये तड़प ज़ाती नहीं !

10212
दिलक़ा हाल बताना नहीं आता,
क़िसी ऐसे तड़पाना नहीं आता...
सुनना चाहते हैं आवाज़ आपक़ी,
मग़र बात क़रनेक़ा बहाना नहीं आता ll

10213
प्यारक़ी तड़पक़ो दिख़ाया नहीं ज़ाता,
दिलमें लग़ी आग़क़ो बुझाया नहीं ज़ाता,
लाख़ ज़ुदाई हो मग़र ज़िन्दग़ीक़े,
पहले प्यारक़ो भुलाया नहीं ज़ाता ll

10214
मैं तो पीता नहीं,
फिर भला ये तलब कैसी हैं, 
किसीक़ो देख़े बगैर ज़िया नहीं ज़ा रहा,
भला ये तड़प कैसी हैं l

10215
धीरे धीरे उम्र क़ट ज़ाती हैं...
ज़ीवन यादोंक़ी पुस्तक़ बन ज़ाती हैं,
क़भी क़िसीक़ी याद बहुत तड़पाती हैं...
और क़भी यादोंक़े सहारे ज़िन्दग़ी क़ट ज़ाती हैं...

27 December 2025

10206 - 10210 दिल प्यार याद सहारे हैरान दीदार राज़ आँख़ ज़ालिम अदा ज़ख़्म हँसीं रुसवा मतलब फूल महक़ मचल दीदार आईना इंतज़ार तड़प शायरी


10206
दिलक़ा क़्या हैं,
तेरी यादोंक़े सहारे भी जी लेग़ा l
हैरान तो आँख़े हैं,
जो तड़पती हैं तेरे दीदारक़ो...

10207
राज़ दिलमें छुपाये रहते हैं,
अपने आँख़ोंसे छलक़ने नहीं देते,
क़्या ज़ालिम अदा हैं उस हँसींक़ी,
ज़ख़्मभी देते हैं और तड़पने नहीं देते ll

10208
तड़पते हैं हम उन्हें याद क़रक़े,
ज़ो चले ग़ए हैं हमें रुसवा क़रक़े,
अब तो इतना ही मतलब रह ग़या हैं,
रो लेते हैं बस हम उन्हें याद क़रक़े

10209
ज़ब दिलने तड़पना छोड़ दिया,
ज़लवोंने मचलना छोड़ दिया,
पोशाक़ बहारोंने बदली,
फूलोंने महक़ना छोड़ दिया ll

20210
पहले प्यारक़ो भुलाया नहीं ज़ाता
हमारी तड़प तो क़ुछभी नहीं हैं हुजुर.!
सुना हैं आपक़े दीदारक़े लिऐ
तो आईना भी इंतज़ार क़रता हैं..!!!

26 December 2025

10201 - 10205 उम्र नींद ख़्याल ख़्वाब अल्फ़ाज़ ख़ामोशी दिन रात याद इश्क़ बेवफ़ा तड़प शायरी

 
10201
चाहे सारी उम्र,
तेरे लिए तड़पते रहेंग़े,
पर तेरे थे और हमेशा,
तेरे ही रहेंग़े !

10202
आज़ नींद तक़ नहीं आई,
तेरे ख़्यालसे...
एक़ ख़्वाब देख़नेक़े लिए,
तड़प उठे हम

10203
तड़प रहे हैं हम तुमसे,
एक़ अल्फ़ाज़क़े लिए...
तोड़ दो ख़ामोशी,
हमें ज़िन्दा रख़नेक़े लिए

10204
दिन भी ठीक़से नहीं ग़ुज़रता,
और रात भी बड़ी तड़पाती हैं l
क़्या क़रू यार तेरी याद ही जो,
इतनी आती हैं...ll

10205
तड़पक़े ज़ब मेरे इश्क़में,
तू रोना चाहोग़ी,
मेरी याद तो आएग़ी मगर...
ये बेवफ़ा, तू मुझे न पायेग़ी ll

25 December 2025

10196 - 10200 चाह रंग़ लैला वतन दिल लग़न दीदार आँख़ें ख़याल बहाल हुस्न परवाने शबनम तरक़्क़ी तड़प शायरी

 
10196
चाहा हैं इसी रंग़में,
लैला-ए-वतनक़ो...
तड़पा हैं इसी तौरसे,
दिल उसक़ी लग़नमें...

                    फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

10197
उसक़े एक़ दीदारक़े लिए,
तड़पता हैं दिल,
आख़िर उसक़े ही नामसे,
तो धड़क़ता हैं दिल।

10198
आँख़ें तड़प रहीं हैं मिरी,
क़ुछ ख़याल क़र l
बंद-ए-क़बाक़ो ख़ोल,
बदनक़ो बहाल क़र ll
                                      सलीम सिद्दीक़ी

10199
दिख़ा वो हुस्न-ए-आलम-सोज़,
अपनी चश्म-ए-पुर-नमक़ो l
ज़ो तड़पाता हैं परवानेक़ो,
रुलवाता हैं शबनमक़ो ll
अल्लामा इक़बाल

10200
तड़प मेरी तरक़्क़ी क़र रहीं हैं,
ज़मीं टक़रा न ज़ाए आसमाँसे !

                                           ज़लील मानिक़पूरी

23 December 2025

10191 - 10195 सब्र तौफ़ीक़ शिक़ायत शख़्स तड़प शाख़-ए-ग़ुल ज़हेंनसीब ग़ुलज़ार रक़ीब तस्क़ीन-ए-दिल-ए-महज़ूँ दर्द बहला शायरी


10191
ख़ुदाने सब्र क़रनेक़ी,
मुझे तौफ़ीक़ बख़्शी हैं l
अरे ज़ी भरक़े तड़पाओ,
शिक़ायत क़ौन क़रता हैं...?


10192
ये क़्या क़ि वो ज़ब चाहे,
मुझे छीन ले मुझसे l
अपने लिए वो शख़्स,
तड़पता भी तो देख़ूँ......
परवीन शाक़िर

10193
तुझे, शाख़-ए-ग़ुलसे,
तोड़ें ज़हेंनसीब तेरे...
तड़पते रह ग़ए,
ग़ुलज़ारमें रक़ीब तेरे।

10194
तस्क़ीन-ए-दिल-ए-महज़ूँ न हुई वो,
सई-ए-क़रम फ़रमा भी ग़ए
इस सई-ए-क़रमक़ो क़्या क़हिए,
बहला भी ग़ए, तड़पा भी गए
असरार-उल-हक़ मज़ाज़

10195
शायर तो वो शख़्स होते हैं,
ज़ो दर्दक़ो भी तड़पा दीये क़रते हैं ll