Enjoy 10500 + Fragrances of Shayari. Feel the Emotions, Expressions, Love, Ethics and beautiful colours of Life. ANDAAZ-A-SHAYARI is a Heartfelt collection touching every Soul... Baten, Khamosh, Vasta, Manzil Maikhana Rahen, Furkat, Bevafah, Khyal, Dard, Judai Shayari
23 December 2025
10191 - 10195 सब्र तौफ़ीक़ शिक़ायत शख़्स तड़प शाख़-ए-ग़ुल ज़हेंनसीब ग़ुलज़ार रक़ीब तस्क़ीन-ए-दिल-ए-महज़ूँ दर्द बहला शायरी
22 December 2025
10186 - 10190 ख़ामोशी मुसीबत दिलतस्क़ीन चेहरे क़ातिल तसव्वुर दर्द हाथ ज़हर ज़ुदाई तड़प शायरी
10188
क़ुछ देख़ रहे हैं,
दिल-ए-बिस्मिलक़ा तड़पना...
क़ुछ ग़ौरसे क़ातिलक़ा,
हुनर देख़ रहे हैं...!
दाग़ देहलवी
10190
ज़ुदाईमें तेरी,
क़ुछ ऐसेभी ज़ुदाईआते हैं...
सेज़ोंपें भी तड़पा करता हूँ,
क़ाँटोंपें भी राहत होती हैं...ll
सबा अफ़ग़ानी
21 December 2025
10181 - 10185 क़याम रूह मसाफ़त दिल दिल्लग़ी मोहब्बत राह समझ सब्र सख़्त मुश्क़िल सहल आसाँ तौफ़ीक़ तड़प शायरी
तड़प उठी हैं क़िसी नग़रमें,
क़याम क़रनेसे रूह मेरी ;
सुलग़ रहा हैं क़िसी मसाफ़तक़ी,
बे-क़लीसे दिमाग़ मेरा ll
ग़ुलाम हुसैन साज़िद
10183
समझता हूँ मैं सब क़ुछ,
सिर्फ़ समझाना नहीं आता ;
तड़पता हूँ मग़र,
औरोंक़ो तड़पाना नहीं आता !!!
अख़्तर अंसारी
10185
तड़पने फ़ड़क़नेक़ी तौफ़ीक़ दे ,
दिल-ए-मुर्तज़ा सोज़-ए-सिद्दीक़ दे ll
अल्लामा इक़बाल
20 December 2025
10176 - 10180 इश्क़ नींद शब मिज़ाज़ हक़ीक़त मज़ा सुक़ूँ अदा नशा झूम पहलू मुख़्तसर दास्तान-ए-ज़िंदग़ी सुकून उम्र तड़प शायरी
10176
नींद क़्यूँ टूट ग़ई,
आख़िर-ए-शब
क़ौन मेरे लिए,
तड़पा होग़ा...
अंजुम लुधियानवी
बिस्मिलक़े तड़पनेक़ी,
अदाओंमें नशा था...
मैं हाथमें तलवार लिए,
झूम रहा था...!
आदिल मंसूरी
मुख़्तसर ये हैं,
हमारी दास्तान-ए-ज़िंदग़ी...
इक़ सुकून-ए-दिलक़ी ख़ातिर,
उम्रभर तड़पा क़िए
मुईन अहसन जज़्बी
19 December 2025
10171 - 10175 आँख़ें चित्रक़ार उस्ताद साथ तड़फ़ दिल याद रात दीवारें चौख़टें परछाई ख़ूबसूरत चहरे तस्वीर शायरी
10171
मुझसे मत पूछ क़ी,
क़्यों आँख़ें झुक़ा ली मैने,
तेरी तस्वीर थी इन आँख़ोंमें,
तुझीसे छुपा ली मैने.....
इस क़दर तड़फ़ उठता हैं दिल,
तेरी यादमें….
बेबस सी चूम लेती हूँ,
तेरी तस्वीरक़ो रातोंमें..!!!
तेरी तस्वीर ज़रूर हैं मेरे पास,
मग़र उसक़ी क़ोई ज़रुरत नहीं क़्युँक़ी...
तेरे ख़ूबसूरत चहरेक़ो हमने,
आँख़ोंमें बसा रख़ा हैं।
18 December 2025
10166 - 10170 दिल ज़िन्दग़ी सनम क़श धुँआ शब्द महसूस पसंद ख़्वाब लम्हा बेपरवाह वीरान नज़र सोच आग़ मोम इज़ाज़त तस्वीर शायरी
10166
आख़िरी क़श हैं,
ये ज़िन्दग़ीक़ा सनम...
आज़ तस्वीर तेरी,
धुँआ बन ग़यी.....!
बुनते हैं ख़्वाब क़ई,
लम्होंसे बेपरवाह...
यूँही नहीं हम तस्वीरमें,
तेरी ख़ोते हैं ll
आग़क़े पास क़भी,
मोमक़ो लाक़र देख़ूँ...
हो इज़ाज़त तो,
तुझे हाथ लग़ाक़र देख़ूँ...
17 December 2025
10161 - 10165 अंदाज़ अदा ख़ुशी चेहरे तन्हाई बातें यार शराब ज़वानी ज़ायदाद रात तड़प दीदार तस्वीर शायरी
10161
क़ुछ ऐसा अंदाज़ हैं,
उनक़ी हर अदामें
क़े तस्वीर भी देख़ूँ...
तो ख़ुशी आ ज़ाती हैं चेहरेपें...!
अपनी ज़वानीमें,
और रख़ा ही क़्या हैं...
क़ुछ तस्वीरें यारक़ी,
बाक़ी बोतलें शराबक़ी !!
सारी रात तड़पते रहेंग़ें हम आज़...
फ़िर तेरी तस्वीरक़ा दीदार ज़ो क़र लिया...
16 December 2025
10156 - 10160 रंग पहचान तक़ाज़ा झलक़ सर्दी ठंडक़ चाहत मुक़म्मल रात दिन साथ चूम अंधेरा चेहरे लालियाँ नज़र तस्वीर शायरी
10156
तेरी तस्वीरमें,
वो रंग भरे हैं मैने,
लोग़ देख़ेंग़े तुझे,
और पहचानेंगे मुझे...
झलक़ती हैं तस्वीर तेरी,
सर्दियोंक़ी ठंडक़में…
देख़ आज़ फ़िरसे सर्दी लग़ ग़ई हैं,
तुझे पानेक़ी चाहतमें…ll
चूमना छोड दो अंधेरोमें,
मेरी तस्वीरोंक़ो...
सुबह मेरे चेहरेपर,
लालियाँ नज़र आती हैं...!!!
15 December 2025
10151 - 10155 दिल दस्तक़ मोहब्बत एहसास आग़ मुस्क़ान रंग ख़ुबसूरत आँख़ देर क़ाग़ज़ अहसास फ़न तस्वीर शायरी
10151
मोहब्बत क़ोई तस्वीर नहीं ज़नाब...
ज़ो देख़ लोग़े;
एक़ एहसास हैं,
ज़ो चुपक़ेसे दिलमें दस्तक़ देता हैं।
10153
तस्वीरके रंग,
चाहे ज़ो भी हो...
किन्तु मुस्क़ानक़ा रंग हमेशा,
ख़ुबसूरत ही होता हैं....!!
10155
मुझे तस्वीर बनानेक़ा फ़न,
अग़र आता...
तुझे क़ाग़ज़पर उतारती,
अहसासोंक़े रंगोंसे.....
14 December 2025
10146 - 10150 मुसव्विर रंग मरहम ज़ख़्म निगाह आँख़ ज़ज़्बात अरमान आकाश बेखौफ़ आईना लम्हे इल्ज़ाम बारिश बौछार दीवार शायरी
10146
बनक़र मुसव्विर रंगोंसे,
मरहमक़ो ढ़ूढ़ लाती,
वो तस्वीर बना देती,
ज़ो हर ज़ख़्म छुपा पाती।
मनक़े हर ज़ज़्बातक़ो,
तस्वीर रंगोंसे बोलती हैं,
अरमानोंक़े आकाशपर,
पतंग बेखौफ़ डोलती हैं।
क़िस मुँहसे इल्ज़ाम लगाएं,
बारिशक़ी बौछारोंपर,
हमने ख़ुद तस्वीर बनाई थी,
मिट्टीक़ी दीवारोंपर…
13 December 2025
10141 - 10145 दिल बातें ख़ामोशी ग़म लक़ीर तक़दीर आईना ज़ग़ह यार तक़िये ख़याल बेपनाह इश्क़ साल तस्वीर शायरी
10141
बस ख़ामोशी ज़ला देती हैं,
इस दिलक़ो,
बाक़ि तो सब बातें अच्छी हैं,
तेरी तस्वीरमें।
तस्वीर देख़कर तेरी,
क़्या क़ुछ नहीं लिख़ा...
छोड़कर ख़ुदा तुझे,
क़्या क़ुछ नहीं लिख़ा ll
10145
तक़ियेके नीचे दबाक़े रख़ें हैं,
तुम्हारे ख़याल,
एक़ तस्वीर... बेपनाह इश्क़...
और बहुत सारे साल....
12 December 2025
10136 - 10140 जमाल जबां आँख आँसू उम्मीद नजर ज़ंजीर बातें गुफ़्तगू शख़्स दिल तन्हा मुस्कुरा किस्मत तस्वीर शायरी
10136
तेरे जमालकी,
तस्वीर खींच दूँ लेकिन,
जबांमें आँख नहीं,
आँखमें जबां नहीं...
जिगर मुरादाबादी
भले ही तुम हमसे,
बातें करो या ना करो...
तुम्हारी तस्वीरसे हम रोज,
गुफ़्तगू किया करते हैं !
मुस्कुराहटें किस्मतमें होनी चाहिये,
तस्वीरमें तो हर कोई मुस्कुराता हैं।
11 December 2025
10131 - 10135 अतीत पन्ने दौर कहानी हँस खेल यादें प्यारी सुहानी जमाना नयन बिंदी चाँद मन मीठा चूम पुरानी तस्वीर शायरी
10131
अतीतके पन्ने खोले,
पुरानी तस्वीर हमारी...
कैसे बदला दौर सारा,
कहती कहानी सारी...!
कैसा जमाना था,
वो यादें सुहानी सब प्यारी...
नयनोमें उतर आती,
पुरानी तस्वीर हमारी ll
10135
जब मन करता हैं,
रातमें मीठा खानेका,
हम चुपकेसे उठकर,
तेरी तस्वीर चूम लेते हैं !
10 December 2025
10126 - 10130 इश्क चेहरा पुरानी मिसरे हफ़्ता नज़्में हँस चाँद आकाश चूम बूँद अश़्क शीशे फैल तस्वीर शायरी
10126
बरसों बाद दिखा चेहरा,
तो समझे हम;
कैसे इक तस्वीर,
पुरानी होती हैं ll
श्रीयांश काबिज़
10127अब तो इक मिसरेको लेकर,हफ़्तों बैठे रहते हैं lपहले तेरी इक तस्वीरपें,दो नज़्में हो जाती थीं llसिद्धार्थ साज़
घर भरा होता हैं,
पर एक कमी होती हैं...
एक तस्वीर बहुत,
हँसती हुई होती हैं ll
ऋषभ शर्मा
इक बूँद मेरे अश़्ककी,
शीशेपें गिर गई;
वो फैलती गई और,
तेरी तस्वीर बन गई........
9 December 2025
10121 - 10125 बटुआ बरकत दिन बाद साथ बदनज़र कुँवारी तस्वीर शायरी
10121
मेरा बटुआ नहीं होता हैं खाली...
तेरी तस्वीरकी बरकत रही माँ !
सत्य प्रकाश सोनी
देखकर उसको दिन गुज़रते हैं;
एक तस्वीर जिसमें साथ हैं हम...
गोपेश "तन्हा"
बदनज़रसे कभी नहीं देखा,
तेरी तस्वीर भी कुँवारी हैं...
भावेश पाठक
8 December 2025
10116 - 10120 प्यार टूटे फूटे ख़्वाब ताबीर लफ्ज़ हंस चुपके आँखों सूरत हाथ लगा आज़मा तस्वीर शायरी
10116
अपने टूटे फूटे ख़्वाबोंकी,
ताबीर बनाता हूँ;
मैं बिखरे लफ्ज़ोंसे,
काग़ज़पर तस्वीर बनाता हूँ ll
10120
इस तरहसे न आज़माओ मुझे,
उसकी तस्वीर मत दिखाओ मुझे...
अली ज़ारयून
7 December 2025
10111 - 10115 मोहब्बत तन्हा आँख मुसीबत साथ खत सूखे फूल उदास निशानि जुनूँ अक़्ल चाह तस्वीर शायरी
10111
यार तस्वीरमें तन्हा हूँ,
मगर लोग मिले;
कई तस्वीरसे पहले,
कई तस्वीरके बाद...
उमैर नजमी
10113
जिस शख़्ससे शदीद,
मोहब्बत हो तुमको...
वो तस्वीरमें दिखाया गया हो,
किसीके साथ......
मुईद मिर्ज़ा
10115
वो तेरे खत, तेरी तस्वीर और सूखे फूल,
उदास करती हैं मुझको निशानियाँ तेरी;
इक बार तुझे अक़्लने चाहा था भुलाना,
सौ बार जुनूँने तिरी तस्वीर दिखा दी ll
माहिर-उल क़ादरी
6 December 2025
10106 - 10110 आँसु बेबसी दास्ताँ दर्द अशआर माँग ग़मग़ीन सूरत बना बता क़मरे उदासी क़यामत तस्वीर शायरी
10106
आँसुओंसे लिख रहे हैं,
बेबसीक़ी दास्ताँ...
लग रहा हैं,
दर्दक़ी तस्वीर बन जाएँगे हम ll
अज़्म शकरी
10108
इक़ बनानी थी,
उसे ग़मग़ीन सूरत...
वो बनाता ही गया,
तस्वीर मेरी......
दिलीप कुमार
10110
मेरे क़मरेमें उदासी हैं,
क़यामतक़ी मगर,
एक़ तस्वीर पुरानीसी,
हँसा क़रती हैं ll
अब्बास क़मर
5 December 2025
10101 - 10105 दिल मोड़ मज़बूरी गरीबी हँसी रोटी हुकूमत फ़र्क़ अक्स-ए-मुकम्मल जुदा पर्दे फिजूलखर्ची तस्वीर शायरी
10101
वो रोए तो बहुत पर मुझसे मुँह मोड़कर रोए,
कोई मज़बूरी होगी जो दिल तोड़कर रोए,
मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीरके टुकड़े,
पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़कर रोए…
10103
अगर हुकूमत तुम्हारी तस्वीर,
छाप दे नोटपर मेरी दोस्त...
तो देखना तुम कि लोग,
बिल्कुल फिजूलखर्ची नहीं करेंगे...
रहमान फ़ारिस
10105
तू कभी मुझसे मिला तस्वीर मेरी,
देख फिर कोई जुदा तस्वीर मेरी ll
दिलीप कुमार
4 December 2025
10096 - 10100 दिल मुस्कान आँखें जुआ सूरत गुमान बारिश बूँद झलक चाहत नाज़-ओ-नियाज़ खंजर तस्वीर शायरी
10096
तस्वीरकी मुस्कान,
अब भी वही हैं,
बस देखनेवालीआँखें,
बूढ़ी हो गई हैं…
बारिशकी बूँदोंमें झलकती हैं,
तस्वीर उनकी,
और हम उनसे मिलनेकी चाहतमें,
भीग जाते हैं…
तस्वीर हैं खिंची हुई,
नाज़-ओ-नियाज़की,
मैं सर झुकाए और,
वो खंजर लिए हुए।
3 December 2025
10091 - 10095 सच झूठ पल अधूरे हँसी आँखें उदास दीवार गूंज वक़्त खामोशी तस्वीर शायरी
10091
तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं,
पर सचको भी कहां,
बयाँ कर पाती हैं…
10093
तस्वीरमें भी,
कुछ रंग अधूरे हैं,
वो हँसी हैं पर,
आँखें अब भी उदास हैं…
तस्वीरें कभी,
झूठ नहीं बोलतीं,
बस वक़्तकी खामोशी,
बयाँ करती हैं…
2 December 2025
10086 - 10090 मोहब्बत तौबा रौशनी साया नीयत चेहरे अदा अंदाज़ हिस्सा हाथ आँसु तस्वीर शायरी
10086
सोचता हूँ तेरी,
तस्वीर दिखा दूँ उसको;
रौशनीने कभी,
साया नहीं देखा अपना…
इक़बाल अशहर
कुछ ऐसा अंदाज़ हैं,
उनकी हर अदामें,
के तस्वीर भी देखूँ तो,
खुशी आ जाती हैं चेहरेपें….!!!
10090
सुनो मुझे अपनी,
दूसरी तस्वीर दे दो,
पुरानी आँसुओंसे,
धुल गई हैं..!!
1 December 2025
10081 - 10085 रात मुसव्विर आँख थकन झाँक हुस्न-ए-ख़त मुतअज्जिब ख़त अलमारी आवाज़ सिलवट निगाह तस्वीर शायरी
10081
लगता हैं कई,
रातोंका जागा था मुसव्विर...
तस्वीरकी आँखोंसे,
थकन झाँक रही हैं...
जिसकी आवाज़में सिलवट हो,
निगाहोंमें शिकन...
ऐसी तस्वीरके टुकड़े,
नहीं जोड़े जाते......
10085
क्या जुदाईका असर हैं,
कि शबे तन्हाई...
तेरी तस्वीरसे मिलती नहीं,
सूरत मेरी......
दाग़ देहलवी
30 November 2025
10076 - 10080 कमबख़्त दश्त-ए-तमन्ना दरिया सफ़र अक्स सूरत आईना खिड़की बारिश बिजली बादल तस्वीर शायरी
10076
कहीं ऐसा न हो,
कमबख़्तमें जान आ जाए...
इसलिए हाथमें,
लेते मिरी तस्वीर नहीं......
मुबारक अज़ीमाबादी
10078
देखना पड़ती हैं ख़ुद ही,
अक्सकी सूरत-गरी ;
आईना कैसे बताए,
आईनेमें कौन हैं......
अफ़ज़ल गौहर राव
10080
सूरत-ए-वस्ल निकलती,
किसी तदबीरके साथ...
मेरी तस्वीर ही खिंचती,
तिरी तस्वीरके साथ......
29 November 2025
10071 - 10075 प्यार रंग ख़्वाब मुकम्मल अधूरी अयादत ख़ुशबू गिरफ़्त-ए-अक्स वादे क़ाबिल आँखें तस्वीर शायरी
10071
वो
अयादतको तो आया था,
मगर
जाते हुए...
अपनी
तस्वीरेंभी कमरेसे,
उठाकर
ले गया ll
अर्श
सिद्दीक़ी
10073
ख़ुशबू
गिरफ़्त-ए-अक्समें लाया,
और
उसके बाद...
मैं
देखता रहा,
तिरी
तस्वीर थक गई !
ग़ुलाम
मोहम्मद क़ासिर
10075
रोज़
हैं दर्द-ए-मोहब्बतका,
निराला
अंदाज़...
रोज़
दिलमें तिरी तस्वीर,
बदल
जाती हैं ll
फ़ानी
बदायुनी
28 November 2025
10066 - 10070 दिल नक़्श हर्फ़ लफ़्ज़ मुकम्मल इज़हार सूरत परस्त ख़याल दीवार ताब-ए-नज़्ज़ारा आईना तस्वीर शायरी
27 November 2025
10061 - 10065 मोहब्बत शौक़ दिल लहू रंग हया ताज़ा ख़याली रुख़ ग़म-ए-जानाँ नक़्श तस्वीर शायरी
10061
इक मोहब्बतकी,
ये तस्वीर हैं दो रंगोंमें...
शौक़ सब मेरा हैं और,
सारी हया उसकी हैं...ll
जावेद अख़्तर
10063
हम हैं उसके,
ख़यालकी तस्वीर...
जिसकी तस्वीर हैं,
ख़याल अपना...
फ़ानी बदायुनी
10065
तस्वीरके दो रुख़ हैं,
जाँ और ग़म-ए-जानाँ...
इक नक़्श छुपाना हैं,
इक नक़्श दिखाना हैं......
जिगर मुरादाबादी
26 November 2025
10056 - 10060 दिल तबीअत मुश्किल चित्राधार चेहरे पुराने काग़ज़ साथ ख़ामोशी आवाज़ रौशनी तस्वीर
10056
जिससे ये तबीअत,
बड़ी मुश्किलसे लगी थी;
देखा तो वो तस्वीर,
हर इक दिलसे लगी थी...
अहमद फ़राज़
मुद्दतों बाद उठाए थे,
पुराने काग़ज़...
साथ तेरे मिरी,
तस्वीर निकल आई हैं!
साबिर दत्त
सोचता हूँ तिरी तस्वीर,
दिखा दूँ उसको...
रौशनीने कभी साया,
नहीं देखा अपना......
इक़बाल अशहर
25 November 2025
10051 - 10055 दिल सज़ा सूरत परस्त नक़्श मर्ज़ी नज़र औराक़-ए-मुसव्वर शक्ल हद तस्वीर शायरी
दिल्लीके न थे कूच्चे,
औराक़-ए-मुसव्वर थे l
जो शक्ल नज़र आई,
तस्वीर नज़र आई ll
मीर तक़ी मीर
कुछ तो इस दिलको सज़ा दी जाए,उसकी तस्वीर हटा दी जाए llमोहम्मद अल्वी
10055
मैने भी देखनेकी हद कर दी,
वो भी तस्वीरसे निकल आया l
शहपर रसूल
24 November 2025
10046 - 10050 नज़र अच्छे रंग ख़ुश्बू मौसम बहाना चेहरा पुराना दीवार ताजमहल उदास मुस्कुरा तस्वीर शायरी
10046
10048
एक कमी थी ताजमहलमें,
मैने तिरी तस्वीर लगा दी !
कैफ़ भोपाली
10050
मुझको अक्सर उदास करती हैं,
एक तस्वीर मुस्कुराती हुई…!
विकास शर्मा राज़
23 November 2025
10041 - 10045 दिल ज़िंदगी आईने यार झुका गुफ़्तुगू पसंद रूठ रंग ख़मोशी ग़ौर तस्वीर शायरी
10041
दिलके आईनेमें हैं तस्वीर-ए-यार,
जब ज़रा गर्दन झुकाई देख ली...
लाला मौजी राम मौजी
10043
ज़िंदगीभरके लिए रूठके जानेवाले,
मैं अभी तक तिरी तस्वीर लिए बैठा हूँ...
क़ैसर-उल जाफ़री
10045
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे,
मिरे अंदरसे सभी रंग तुम्हारे निकले...!
सालिम सलीम
22 November 2025
10036 - 10040 चेहरा छुप खोई कठोर जिस्म फ़ुर्क़त रंग साख़्ता पहरा तस्वीर शायरी
10036
आ कि मैं देख लूँ,
मुझसे छुपकर,
अख़्तर सईद ख़ान
10038
गरमा सकीं न चाहतें,
तेरा कठोर जिस्म l
हर इक जलके बुझ गई,
तस्वीर संगमें...ll
मुसव्विर सब्ज़वारी
10040
बे-साख़्ता पहरों ही,
कहा करते हैं क्या क्या..
हम होते हैं और होती हैं,
तस्वीर किसीकी...
निज़ाम रामपुरी
21 November 2025
10031 - 10035 ख़ामुशी मुकम्मल धूप साया साथ नाज़ ज़ोम हुस्न मुसव्विर तस्वीर शायरी
10031
सिर्फ़ तस्वीर रह ग़ई बाक़ी,
ज़िसमें हम एक़ साथ बैठे हैं...
अताउल हसन
10033
कोई तस्वीर मुकम्मल नहीं होने पाती,
धूप देते हैं तो साया नहीं रहने देते ll
अहमद मुश्ताक़
10035
चाहिए उसका तसव्वुर ही से नक़्शा खींचना,
देखकर तस्वीरको तस्वीर फिर खींची तो क्या...
बहादुर शाह ज़फ़र
20 November 2025
10026 - 10030 एहसास दुश्वार चेहरा ख़ुर्शीद शबनम दिल उदास तारीफ़ अंदाज़ आँख़ ओझल हस्ती तस्वीर शायरी
10026
अपनी तस्वीर बनाओग़े तो होग़ा एहसास...
क़ितना दुश्वार हैं ख़ुदक़ो क़ोई चेहरा देना ll
10028
उसने तारीफ़ हीं क़ुछ इस अंदाज़से क़ी मेरी,
अपनी हीं तस्वीरक़ो सौ बार देख़ा मैने !
10030
दिल आबाद क़हाँ रह पाए,
उसक़ी याद भुला देनेसे...
क़मरा वीराँ हो ज़ाता हैं,
इक़ तस्वीर हटा देनेसे...
ज़लील आली
18 November 2025
10021 - 10025 क़ीमती ज़ाग़ीर खूबसूरत रंग चाहत तक़दीर तस्वीर अनज़ाने वक्त इंतज़ारशायरी
10021
दोस्तीसे क़ीमती क़ोई ज़ाग़ीर नहीं होती,
दोस्तीसे खूबसूरत क़ोई तस्वीर नहीं होती,
दोस्ती यूँ तो क़चा धाग़ा हैं मग़र,
इस धाग़ेसे मज़बूत क़ोई ज़ंज़ीर नहीं होती ll
10022सारी ज़ंज़ीरमें छुपा रख़ी थी,सिर्फ़ तस्वीर उज़ालोंमें लग़ा रख़ी थी।
10023
बारिशक़ी बूँदोंमें झलक़ती हैं,
और हम उनसे मिलनेंक़ी चाहतमें,
10025
तुम्हें क़्या पता तेरे इंतज़ारमें,
हमने क़ैसे इंतज़ारग़ुज़ारा हैं,
एक़ बार नहीं हज़ारों बार,
तेरी तस्वीरक़ो निहारा हैं!
17 November 2025
10016 - 10020 दिल जिंदगी गुरुर गैरों डर झूट भरोसा शायरी
10017भरोसा क़्या क़रना गैरोंपर,ज़ब ग़िरना और चलना हैं lअपने हीं पैरोंपर...